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दिवाली पर रोशनी से नहाया शहर

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सदर बाजार में पूजन सामग्री खरीदते लोग। अमर उजाला - फोटो : HARDOI
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हरदोई। छोटी दीपावली पर शनिवार को बर्तनों, कपड़ों और मिठाई की दुकानों पर भीड़ रही। शहर रंग बिरंगी रोशनी से नहाया नजर आया। शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि इस बार दिवाली अमावस्या तिथि 27 अक्तूबर को दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से शुरू होकर 28 अक्तूबर को सुबह नौ बजकर आठ मिनट तक रहेगी। लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 27 अक्तूबर को शाम छह बजकर 42 मिनट से रात आठ बजकर 41 मिनट तक ज्यादा शुभ रहेगा।
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दिवाली पर लक्ष्मी व गणेश जी के पूजन को लेकर बाजारों में पूजन सामग्री की बिक्री हाथों हाथ हुई। बाजारों में रौनक रही। छोटी दीपावली के दिन लोगों ने खील खिलौने, लईया और मूर्तियों की खरीदारी की। कपड़ा बाजार भी ग्राहकों से जगमगाता रहा।
शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि विधि विधान से यदि मां लक्ष्मी का पूजन किया जाए तो पूजन करने वालों को ज्यादा लाभ हो सकता है। पूजन में स्वास्तिक चिह्न का भी महत्व है। अनुष्ठान के पूर्व दीवार पर इस चिह्न को बनाया जाता है। केसर, हल्दी या सिंदूर से इसको पूजन पाठ की जगह पर तैयार किया जाता है। दीपों के पर्व पर कौड़ी की भी अहम भूमिका है। शास्त्री सनत मिश्रा ने बताया कि कहा जाता है कि पूजन की थाली में कौड़ी को रखने की परंपरा है।
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कौड़ी को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने से धन का लाभ होता है। रोली या बंदन से किया गया तिलक ज्ञान व बुद्धि को प्रखर करता है। शास्त्री सनत मिश्रा ने बताया कि दीवाली पर शंख का पूजन करने के बाद यदि मंत्रों का विधिवत जाप किया जाए तो मनोकामना पूर्ण हो सकती है। 108 बार इस मंत्र का जप करें। ज्योतिष विद्या के जानकारों का कहना है कि मान्यता ये भी है कि दोपहर 10 से लेकर 12 बजे तक इन मंत्रों का सवा माह तक लगातार जाप करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
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