हरदोई। कछौना क्षेत्र के बाशिंदों के लिए राहत भरी खबर है। यहां की सीएचसी में पिछले दो वर्ष से बंद सीबीसी जांच अब आसानी से हो सकेगी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सीएमओ ने सीबीसी मशीन में इस्तेमाल होने वाले रिजेंट की व्यवस्था करा दी है। सीबीसी मशीन की टेस्टिंग भी शुरू हो गई है।
29 नवंबर के अंक में अमर उजाला ने सीएचसी में सीबीसी जांच न होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। पड़ताल में पता चला था कि दो साल से रिजेंट न होने के कारण यहां जांचें नहीं हो पा रही हैं। लैब टेक्नीशियन ने तो यहां तक दावा किया था कि दो वर्ष में कम से कम 50 पत्र लिखकर रिजेंट की मांग की गई, लेकिन उपलब्ध नहीं कराया गया।
इसी तरह हरियावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी रिजेंट के अभाव में सीबीसी मशीन शोपीस बनकर रह गई थी। सीएमओ डा. रोहताश कुमार ने बताया था कि उन्हें रिजेंट सीएचसी पर न होने की जानकारी नहीं थी। दो दिन में व्यवस्था करा दी जाएगी। बहरहाल राहत भरी बात यह है कि दो साल के लंबे अंतराल के बाद रिजेंट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना में पहुंचा दिया गया है और यहां टेस्टिंग भी शुरू कर दी गई है।
सीएचसी के लैब टेक्नीशियन विकास सिंह ने बताया कि रिजेंट आ गया है और मशीन की टेस्टिंग की जा रही है। एक दो दिन में यहां सभी जांचें शुरू हो जाएंगी। हरियावां सीएचसी के अधीक्षक डाॅ. राजीव रंजन ने बताया कि सीएमएडी स्टोर से सीबीसी मशीन का मॉडल नंबर पूछा गया है। यहां भी रिजेंट की व्यवस्था कराई जा रही है।