परिषदीय विद्यालय में समायोजित शिक्षा मित्र वेतन जारी करने की प्रक्रिया में चकरघिन्नी बन गए है। वेतन आदेश जारी होने के बाद भी वह भटक रहे है। संघ के पदाधिकारी पटल सहायक पर शोषण का आरोप लगा रहे है। बीएसए से लेकर डीआई कार्यालय तक रोज भीड़ लगी रहती है। इससे विद्यालयों का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
बताते चले कि जिले में सर्व शिक्षा अभियान के तहत 4108 शिक्षा मित्र व शिक्षा विभाग की ओर से 202 शिक्षा मित्र तैनात है। शिक्षा मित्रों को दो वर्ष का प्रशिक्षण देकर उनको सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसके तहत जिले में 4108 शिक्षा मित्रों में 3863 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया जा चुका है।
इसके साथ ही शिक्षा विभाग के 202 में 189 शिक्षा मित्र भी शिक्षक के पद पर समायोजित किए जा चुके है। जिले में 12 सितंबर से पहले सात सौ समायोजित शिक्षा मित्रों को वेतन जारी हो चुका था। कोर्ट के आदेश पर प्रक्रिया का रोक दिया गया था। प्रक्रिया शुरू होने के बाद 26 दिसंबर को 407 समोयोजित शिक्षा मित्रों को वेतन आदेश जारी किया गया। इसके बाद मंगलवार को 375 अन्य समायोजित होने वाले शिक्षा मित्रों के वेतन निर्गत का आदेश जारी कर दिया गया है।
इसके बाद भी शिक्षा मित्र वेतन व एरियर के लिए कार्यालय व लिपिकों के चक्कर काट रहे है। सत्यापन के विषय में सही जानकारी नहीं हो पा रही है। वहीं प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के मंडलीय अध्यक्ष संजीव यादव सहित कई पदाधिकारी ने जिला प्रशासन को इस संबंध में पत्र देकर पटल सहायक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।