सात दिनों से गुनगुनी धूप के लिए तरस रहे लोेगों को
सोमवार को भी सूर्यदेव ने निराश किया। देर दोपहर बाद किसी तरह से बादलों को
चीर कर निकले सूर्यदेव और बादलों के बीच करीब 20 मिनट आंख मिचौली का खेल
हुआ और लुका छिपी के इस खेल में कुछ ही देर बाद सूर्यदेव ओझल हो गए, जिसके
कारण आज भी कड़ाके की ठंड ने लोगों को खासा परेशान किया।
ज्ञात हो कि
तीखे चल रहे मौसम के तेवरों के कारण ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है।
आलम यह ह कि सोमवार को भी धूप न होने से दिन के समय में कड़ाके की ठंड का
अहसास हुआ, वहीं शाम और रात के समय में पारे में और गिरावट आने के चलते लोग
सर्दी से परेशान हो हो रहे हैं।
आज तापमान का अधिकतम स्तर 16.0 एवं
न्यूनतम 6.0 डिग्री रहा। लोगों को ठंड से मुकाबला करने में कठिनाइयों का
सामना करना पड़ा है। हर तरफ बस ठंड ही ठंड की चर्चाओं के साथ लोग सर्दी भरे
इस मौसम में अब सूर्य भगवान से राहत देने की आस लगा रहे हैं।
सात दिनों से
धूप न मिलने से इंसान ही नहीं, बल्कि पशु पक्षी भी परेशान हैं। मौसम के
तेवरों को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि तापमान के स्तर में और भी
गिरावट आ सकती है। सर्दी से बचने को लोग तरह-तरह के जतन कर रहे हैं।
गर्म कपड़े पहने के साथ ही कंबल ओढ़ कर गंतव्य की ओर जा रहे हैं, ताकि
सर्दी से बचा जा सके। उधर, कड़ाके की सर्दी से जनजीवन अस्त है तथा यातायात
भी प्रभावित हो गया है। बसों के साथ ट्रेन भी देरी से चल रही हैं। सुबह तो
कोहरे धुंध में न तो यात्री ही बस अड्डे पहुंच पा रहे और न ही यात्रियों की
कमी से बसों का संचालन ही सही तरीके से हो पा रहा है।
रोडवेज की बसों का
ही यह हाल नहीं है निजी बस अड्डों से होने वाली बसों के संचालन में भी ऐसा
ही कुछ देखा जा रहा है। ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों को परेशान होना
पड़ रहा है। सीतापुर गोपामऊ बस आपरेटर यूनियन अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल ने
बताया कि सर्दी बढ़ने से सवारियां कम होने के साथ ही कोहरे से बसों के
संचालन में दिक्कतें हो रही हैं।