मनरेगा, इंदिरा आवास व लोहिया आवासों को लेकर हुई
धांधली की जांच कराने सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर ग्राम पंचायत असलापुर
नागामऊ शाहाबाद के ग्रामीण गुरुवार को भी कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर डटे
रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई कराए
जाने की मांग की।
धरना स्थल पर बैठे ग्रामीणों को संबोधित करते हुए
श्याम कुमार सिंह और रामलड़ैते आदि ने कहा कि नौ सितंबर को समस्याओं को
लेकर ज्ञापन जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को दिया जा चुका है, पर अब
तक कोई न्याय नहीं मिल सका है। ज्ञापन दिए पूरे 111 दिन हो चुके हैं, पर अब
तक उस पर कोई सुनवाई तक नहीं हुई।
उन्होंने मांग की कि लोहिया आवासों में
एक ही परिवार के चार-चार व्यक्तियों को आवास दे दिए गए हैं। कई धनवान
अपात्र लाभार्थियों को भी आवास दे दिए गए, उनकी जांच कर अपात्रों के आवास
निरस्त कर पात्रों को लोहिया आवास दिलाए जाए।
वित्तीय वर्ष 10 से 14-15
तक बने व स्वीकृत इंदिरा आवासों में हुई भारी अनियमितता की जांच कर दोषी
व्यक्तियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि हरदोई
सवायजपुर मार्ग से दाहिने लोनार से असलापुर तक मार्ग निर्माण अतिशीघ्र
कराया जाए।
असलापुर नांगामऊ में आधार कार्ड कैंप लगाया जाए। गांव में ही
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित किया जाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि
मनरेगा में वित्तीय वर्ष 10-14 तक हुए कार्यंो में प्रधान व सेक्रेटरी
द्वारा लगभग 43 लाख की धनराशि का गोलमाल किया गया है।
ग्राम पंचायत के
तालाबों को आदर्श तालाब बनाने के नाम पर ही 15 लाख की धनराशि कागजों पर
खर्च कर दी गई है। जिसकी जांच होना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों ने इस
दौरान जमकर नारेबाजी की तथा नौ सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र को
सौंपकर कार्रवाई कराने की मांग की।
दिए गए ज्ञापन में उक्त के अलावा ग्राम
सभा असलापुर में वित्तीय वर्ष 13-14 में ग्राम समाज के भूखंड 330 पर हुए
अवैध कब्जे को हटाने की मांग भी शामिल है। इस मौके पर राम प्रताप,
रामकुमार, रामफेरे, बालकराम, पंकज सिंह, श्याम सिंह, धनीराम सहित कई
ग्रामीण मौजूद थे।