हरदोई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र के उधरनपुर में नारी शक्ति वंदन के तहत महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे। महिला सशक्तीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के क्रम में संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पहले ही पारित हो चुका है। इस सबके बीच हरदोई की नारी शक्ति को भी मुख्यमंत्री से ढेरों उम्मीदें हैं। उम्मीद बेहतर पढ़ाई के लिए प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापिकाओं की तैनाती की। उम्मीद महिला आईटीआई में अध्ययनरत छात्राओं का कौशल निखारने के लिए अनुदेशकों की तैनाती की। उम्मीद कन्या सुमंगला योजना के तहत लंबित आवेदनों के जल्द निस्तारण की। उम्मीद उज्ज्वला योजना के तहत लंबित महिला आवेदकों को लाभान्विंत किए जाने की।
छह जीजीआईसी में 41 प्रवक्ताओं और 33 सहायक अध्यापिकाओं की दरकार
नारी तभी सशक्त होगी जब शिक्षित होगी। बालिका शिक्षा पर भरपूर जोर सरकार का है, लेकिन राजकीय बालिका इंटर कालेजों में पर्याप्त प्रवक्ता और सहायक अध्यापिकाओं की तैनाती ही नहीं है। जनपद में छह राजकीय बालिका इंटर कालेज संचालित हैं। इनमें से सिर्फ संडीला में प्रधानाचार्य के पद पर तैनाती है, बाकी जगहों पर प्रवक्ता को ही प्रधानाचार्या का पदभार सौंपा गया है। कुल छह जीजीआईसी के प्रवक्ता के 51 पद हैं, लेकिन इसके सापेक्ष दस की ही तैनाती है। ऐसे में अगर यहां तैनाती हो जाए तो बालिका शिक्षा और अधिक मजबूत हो जाएगी।
राजकीय महिला आईटीआई को अनुदेशकों की दरकार
जिले में सिर्फ एक ही राजकीय महिला आईटीआई है। यहां सिलाई कढ़ाई और ब्यूटीशियन का कोर्स कराया जाता है। ब्यूटीशियन की 48 सीटें और सिलाई कढ़ाई की 40 सीटें छात्राओं के लिए हैं। ब्यूटीशियन में शतप्रतिशत प्रवेश हुए हैं, जबकि सिलाई कढ़ाई में चालीस के सापेक्ष 39 छात्राओं ने प्रवेश लिया है। यहां ब्यूटीशियन का कोर्स कराने के लिए दो अनुदेशकों की तैनाती है, लेकिन सिलाई कढ़ाई सिखाने के लिए कोई अनुदेशक तैनात नहीं है। अगर यहां तैनाती हो जाए तो स्थिति काफी बेहतर हो सकती है।
उज्जवला योजना के 17 हजार से अधिक आवेदन लंबित
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने बड़ी संख्या में महिलाओं को चूल्हे के धुएं से बचाया है, लेकिन अभी इसमें काफी काम होना बाकी है। उज्ज्वला योजना के चालू फेज में 17 हजार 673 आवेदन स्वीकृति की राह देख रहे हैं। यह सभी आवेदन ऑनलाइन किए गए हैं, लेकिन अभी तक इनका सत्यापन और मंजूरी नहीं हो पाई है। हालांकि चालू फेज में 5154 महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत मुफ्त गैस सिलिंडर उपलब्ध कराया जा चुका है।
कन्या सुमंगला योजना के आवेदन ब्लाकों और तहसीलों में लंबित
कन्या सुमंगला योजना की गिनती सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में की जाती है। इस योजना के तहत भी आवेदन बड़ी संख्या में लंबित हैं। ब्लाक स्तर पर 1200 आवेदन लंबित हैं, तो उ पजिलाधिकारियों के स्तर पर 606 आवेदन लंबित हैं। हालांकि इस योजना के तहत शुरूआत से अब तक 4536 बच्चियों और उनके अभिभावकों को योजना का लाभ दिया जा चुका है।