शाहाबाद। महात्मा बुद्ध की सोने की प्रतिमा महज 10 लाख रुपये में मिलने के लालच में विवाहिता अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठी। 10 लाख रुपये में खरीदी गई प्रतिमा पीतल की निकली। पुलिस ने दो लोगों पर धोखाधड़ी और टप्पेबाजी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
शाहजहांपुर के अहमदपुर रेकी निवासी दिन्नी ने बताया कि उनके मकान में निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरान उनका पुत्र सचिन पक्का पुल से दो मजदूरों को काम पर बुला लाया था। इन मजदूरों ने लगभग 20 दिन तक यहां काम किया। इन्हीं मजदूरों में शामिल राजा ने बीते 18 जून को दिन्नी की विवाहित बेटी उजाला को फोन किया। बताया कि खोदाई के दौरान उसे सोने की बुद्ध प्रतिमा मिली है। यह प्रतिमा 10 लाख रुपये में बेच देगा। मुलाकात के लिए उजाला ने राजा को शाहजहांपुर बुलाया। यहां प्रतिमा का कुछ बुरादा उजाला को दिया।
उजाला का दावा है कि उसने सुनार के यहां जांच कराई तो इसे सोने का बताया गया। इसके बाद वह 19 जून को मजदूर से शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में हर्रई मोड़ पर मिली। यहां भी राजा ने बुद्ध प्रतिमा में छेद कर बुरादा निकालकर जांच कराने को दे दिया। दोबारा जांच में भी बुरादा सोने का बताया गया। इस पर शुक्रवार को ही उजाला अपनी मां दिन्नी के साथ प्रतिमा लेनी पहुंची। यहां एक खेत में दोनों मजदूरों ने उसे प्रतिमा दी। उजाला ने साथ में चलकर प्रतिमा का परीक्षण कराने को कहा। इस पर मजदूरों ने उससे रुपयों भरा झोला छीन लिया और प्रतिमा छोड़कर भाग गए। प्रतिमा का परीक्षण कराने पर यह पीतल की निकली। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि धोखाधड़ी और टप्पेबाजी का मामला है। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।