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बीएसए ने बैठक में दिखाए सख्त तेवर

Wed, 25 May 2016 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
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बैठक में बीएसए मसिहुज्जमा सिद्दीकी - फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। गांधी भवन सभागार में बुधवार को सभी बीस कस्तूरबा विद्यालयों के स्टाफ की बैठक में बीएसए के तेवर सख्त दिखे। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वयं सुधर जाएं अन्यथा एक माह की नोटिस देकर अब सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में रसोइया से लेकर वार्डेन तक किसी की गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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फुल टाइम टीचर, पार्ट टाइम टीचर, लेखाकार, रसोइया, चपरासी, चौकीदारों को संबोधित करते हुए बीएसए मसिहुज्जमा सिद्दीकी ने कहा कि स्कूलों में वार्डेन, फुलटाइम टीचरों के बीच गुटबाजी की शिकायतें आती हैं। लेखाकार कहीं मानदेय समय पर नहीं दे रहे या रसोइया बर्तन साफ करने से हिचकिचा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सभी को अपने काम का निर्वहन करना होगा अन्यथा की स्थिति में स्वयं सेवाओं से त्याग पत्र दे दें। क्योंकि लापरवाह कर्मचारियों को स्कूलों में रहने नहीं देंगे। एक माह की नोटिस दिए जाने के बाद काम में रुचि न लेने वालों को स्वयं निकाल दिया जाएगा। कस्तूरबा विद्यालयों की रात में भी चेकिंग होगी। बीएसए ने कहा कि फुलटाइम टीचरों का रात में रुकना अनिवार्य है अन्यथा रात में होने वाली चेकिंग में यदि गायब मिलीं तो कार्रवाई होगी। महिला अधिकारी की उपस्थिति में चेकिंग कराई जाएगी।
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उन्होंने बारी बारी से सभी के दायित्वों पर भी प्रकाश डाला और प्रश्नों के भी जवाब दिए। बालिका शिक्षा जिला समन्वयक शैलेश गुप्ता ने कहा कि 31 मई के बाद विद्यालय बंद होंगे और 21 जून को फिर से खुलेंगे। इन नियमों का पूरा स्टाफ पालन करे। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी सांत्वना शुक्ला भी रहीं।

30 मई तक हर हाल में अपने स्कूलों में ज्वाइन करें
बीएसए ने साफ तौर पर कहा कि जितने भी स्थानांतरण हुए हैं वह मान्य नहीं हैं। इसलिए समस्त स्थानांतरित हुए शिक्षक शिक्षिकाएं व अन्य स्टाफ 30 मई तक अपने अपने पूर्व के विद्यालयों में ज्वाइन करें अन्यथा 31 मई के बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी। दूसरे विद्यालयों से नए स्टाफ का वेतन देय नहीं होगा।

हर विद्यालय में होंगे 150 से 200 गमले
समस्त 20 कस्तूरबा विद्यालयों में जून तक ही 150 से 200 फूलों के गमले तैयार कर लिए जाएं। जुलाई में निरीक्षण के दौरान जहां फुलवारी न मिली वहां पर भी कार्रवाई होगी और फुलवारी की देखरेख चौकीदार व चपरासी करेंगे। पौधे को पानी वहीं देंगे।
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