हरदोई। रोडवेज बस डिपो में महिला परिचालकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए तैयार किए गए विश्रामगृह का शुक्रवार को उद्घाटन हुआ। क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा की ओर से कराए गए इस इंतजाम में कमरे को कुछ समय के लिए टकाटक, चादर और तकिये लगाकर सजा तो दिया गया लेकिन अगले ही दिन बुनियादी सुविधाओं की ऐसी तस्वीर उभरकर सामने आई जिसने सरकारी व्यवस्थाओं के दावों की पोल खोल दी।
महिला कर्मचारियों के लिए बनाए गए इस विश्रामगृह में अव्यवस्थाएं बुरी तरह पैर पसारे हैं जिससे महिलाओं की सुरक्षा से लेकर निजता तक पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विश्रामगृह से जुड़े बाथरूम में बिजली की व्यवस्था नहीं है। कमरे तक बिजली की फिटिंग कराकर छोड़ दी गई है लेकिन बाथरूम तक बिजली के तार नहीं पहुंचाए गए। सीमेंटेड चादर और दीवार के बीच जगह है। वहीं कक्ष का मुख्य गेट भी पुराना व टूटा हुआ है। महिला कर्मचारियों के लिए बनाए गए विश्रामगृह में इस तरह की अव्यवस्थाएं उनकी निजता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। (संवाद)
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उद्घाटन में चमक, दीवारों पर सीलन
पुराने कमरे को नया दिखाने के लिए चादर और तकिये तो लगा दिए गए लेकिन अंदर की दीवारों पर भारी सीलन है। कई जगह दीवारें नमी से भीगी हैं। इससे महिला परिचालकों में बीमारी की आशंका है। वहीं इस्तेमाल के लिए रखा गया तख्त भी पुराना और जर्जर हालत में दिखाई दिया। सवाल यह है कि क्या ऐसे कमरे में महिला कर्मचारी आराम कर पाएंगी।
बिजली के खुले तार बढ़ा रहे खतरा
विश्रामगृह के बाहर लगे बिजली के बोर्ड में तार खुले हुए हैं। तारों को सुरक्षित तरीके से कवर नहीं किया गया है। महिला कर्मचारियों के लिए बनाए गए स्थान के बाहर बिजली के तारों की ऐसी स्थिति किसी हादसे की आशंका को दावत दे रही है।
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बजट के हिसाब से काम कराया गया है। आगे जो बजट मिलेगा उसमें अधूरे कामों को करवाया जाएगा। पहले महिला परिचालकों के लिए जो व्यवस्था थी वह तो इससे भी खराब थी। बिजली की फिटिंग का काम अभी बाकी है। इसे भी जल्द दुरुस्त कराएंगे। -गौरव वर्मा, आरएम, रोडवेज
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1.70 लाख से कक्ष का कराया गया सुंदरीकरण
क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने बताया कि महिला परिचालकों के आराम कक्ष के लिए प्रत्येक माह मिलने वाले रुपये से विभाग के माध्यम से सुंदरीकरण कराया गया है। इस पर करीब 1.70 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। आराम कक्ष के लिए फिलहाल कोई नई खरीदारी नहीं की गई।