फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धरती के भगवान के दर पर टूट गई सांसें

Tue, 18 Oct 2016 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
विज्ञापन
अस्पताल के बाहर भीड़
विज्ञापन
हरदोई।  जिला अस्पताल में मंगलवार को नौ नंबर ओपीडी के बाहर इलाज के अभाव में वृद्ध ने दम तोड़ दिया। वृद्ध पर्चा बनवाकर जांच कराने के लिए लगभग 11 बजे लाइन में लग गया था। दोपहर लगभग 12:30 बजे उसकी मौत हो गई। शव पड़ा देख पास में मौजूद लोगों ने सीएमएस को सूचना दी। फार्मासिस्ट को भेजकर शव मोर्चरी में रखवाया गया। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन


शहर कोतवाली के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी अशोक (65) को सांस की बीमारी थी। उसके हाथ पैरों में भी सूजन आ गई थी। मंगलवार सुबह 10 बजे जिला अस्पताल से दवा लेने जाने की बात क हकर घर से निकला था। पर्चा बनवाने के बाद लगभग 11 बजे वह नौ नंबर ओपीडी में रोगियों की जांच कर रहे सर्जन डॉ. सुरजीत सिंह को दिखाने के लिए लाइन में लग गया। लगभग आधा घंटा तक लाइन में लगकर अपने नंबर का इंतजार करने के बाद वह सामने पड़ी कुर्सी पर बैठ गया।

कुर्सी पर बैठने के कुछ समय बाद ही वह बेहोश हो गया। इससे उसके आस-पास लोगाें की भीड़ लग गई। कुछ लोगों ने वृद्ध के बेहोश होने की जानकारी ओपीडी में बैठे डॉक्टर को दी लेकिन डॉक्टर ने अपने कक्ष से बाहर निकल कर बेहोश वृद्ध की जांच नहीं की। लगभग 12 बजे वृद्ध की हालत संदिग्ध लगने पर स्टाफ के  एक कर्मचारी ने सीएमएस को सूचना दी। सीएमएस ने फार्मासिस्ट से वृद्ध की जांच कराने को कहा।
विज्ञापन


एक डॉक्टर ने वृद्ध की जांच की तो वह मर चुका था। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। घटना की सूचना शहर कोतवाली पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने वृद्ध के पास मिले मोबाइल व डायरी में दर्ज पते पर परिजनों को सूचना दी। मृतक के भाई राकेश सिंह ने बताया कि उसको सांस की बीमारी थी और कुछ दिनों से पैरों में सूजन आ गई थी। इसी के चलते सुबह जांच कराकर दवा लेने आया था।

सीएमएस डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि ओपीडी में बैठे डॉक्टरों के पास रोगियों की भीड़ रहती है। ऐसे में बाहर लाइन में लगे किस रोगी की हालत गंभीर है, जानकारी नहीं हो पाती है। हालत गंभीर थी तो उसे बगैर लाइन में लगे सीधा डॉक्टर के पास जाना चाहिए था। डॉक्टर को वृद्ध की हालत गंभीर होने की जानकारी दी गई थी ऐसा उनके संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में वह छानबीन करेंगे, यदि जानकारी होने के बाद भी डॉक्टर ने समय रहते वृद्ध की जांच नहीं की होगी तो विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखेंगे।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें