माधौगंज। उन्नाव और रायबरेली के किसानों को खरीफ फसलों की सिंचाई और रबी फसलों की पलेवा के उद्देश्य से शारदा नहर में छोड़े गए पानी से बघौली रोड पर पुल का निर्माण करीब पांच माह से रुका हुआ है। वैसे काम तो 15 मार्च को ही शुरू कराया गया था लेकिन खरीफ फसलों में यहां के साथ ही उन्नाव व रायबरेली के किसानों की मांग पर 11 मई से नहर में पानी उपलब्ध कराया गया है।
बघौली रोड स्थित शारदा नहर पर पुल निर्माण के लिए फाउंडेशन का काम 15 मार्च को शुरू कराया गया था, फाउंडेशन काम पूरा हो पाया था कि किसानों ने खेतों की सिंचाई के लिए पानी की मांग कर शुरू कर दी थी। इस पर शारदा नहर की ओर से 11 मई से पानी का संचालन शुरू करा दिया गया। नहर में पानी आने से पुल निर्माण पर विराम लगा दिया गया। निर्माण कार्य बंद है।
शारदा नहर पर पुल की कुल लागत डिटेल प्रोजेेक्ट रिपोर्ट के अनुसार 300 लाख रुपये है। इसमें से शासन ने 29 अक्तूबर को 225 लाख रुपये की स्वीकृति जारी कर दी थी। स्वीकृति के साथ ही काम शुरू कराया गया। पुल निर्माण के लिए बेस तो तैयार करा लिया गया है। अवर अभियंता तनवीर ने बताया कि बेस तैयार हो चुका है, पिलर बनाकर स्लेप डाले जाने का काम होना है। काम को 21 फरवरी 2014 तक पूरा किया जाना है।
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ये है पुल की उपयोगिता
शारदा नहर पर माधौगंज पुल प्रदेश के ऐतिहासिक, धार्मिक तीर्थ स्थल नैमिषारण्य को कन्नौज से सीधे जोड़ता है। राजस्थान, गुजरात व मध्यप्रदेश से आने व जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए सुगम मार्ग है। माधौगंज मंडी में सीतापुर, लखीमपुर, बेनीगंज आदि क्षेत्र से व्यापारी अपना माल बेचने और खरीदने आते हैं। गंगा स्नान के लिए भी यह प्रमुख मार्ग है। आम के सीजन में मलिहाबाद से आम को दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों को व्यापारियों की ओर से भेजे जाने में वाहनों को इसी मार्ग को प्रयोग में लाया जाता है।