यदि यह कहा जाए कि जेठ माह भर समां में बस हनुमान के
ही गुणगान सुनाई देंगे और भक्त घरों से लेकर मंदिरों तक में उन्हीं के पूजन
में लीन होंगे तो गलत न होगा। मंगलवार से शुरू होने वाले जेठ माह के प्रथम
मंगलवार को लेकर सोमवार से ही शहर में तैयारियों की धूम रही।
हनुमान
मंदिरों की साफ सफाई से लेकर विशेष पूजन को लेकर तैयारियों का दौर देर रात
तक जारी रहा। जेठ का माह पुण्य का माह भी कहा गया है। बजरंग बली को
समर्पित इस माह में न सिर्फ उनका पूजन व आराधना होती है, बल्कि कहा जाता है
कि इन दिनों यदि जरूरतमंदों की मदद की जाए तो हनुमान दान देने व मदद करने
वालों की हर इच्छा पूरी करते हैं।
यही विचार लेकर शहर में भी श्रद्धा के इस
माह में भंडारा व शरबत वितरण कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ श्रद्धालुओं
द्वारा किया जाता है। इधर, मंगलवार को प्रथम बड़े मंगल को लेकर खेतुई का
बालाजी मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर बड़ा चौराहा, सिद्धबली मंदिर, मौनी बाबा
मंदिर, सिनेमा चौराहा स्थित हनुमान मंदिर, नुमाइश चौराहे का शिव भोले मंदिर
में मंदिरों की साफ सफाई के अलावा हनुमानजी की मूर्ति को भी साफ करके
सजाया गया।
उधर, शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि किसी ऐसे तालाब या
सरोवर पर जाएं, जहां मछलियां हो उनको आटे की गोलियां खिलाएं। इससे लाभ
होगा। दुखों का निवारण होगा एवं अन्न की कभी कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा
कि यह सिर्फ जेठ माह में ही उपयोगी नहीं, बल्कि पूरे साल कभी भी ऐसी युक्ति
करने से लोगों को लाभ होता है, पर जेठ माह में इसका लाभ दोगुना हो जाता
है।
उन्होंने कहा कि बजरंग बली की पूजा यदि विधि विधान से की जाए तो वह
जल्द प्रसन्न होकर फल प्रदान करते हैं। उधर, पूजन आदि की सामग्री लेने को
बाजारों में सोमवार को काफी भीड़ रही। यही नहीं घरों में भी पूजा स्थलों को
सजाने का क्रम जारी है।