हरदोई। यातायात व्यवस्था सुधारने की कवायद धड़ाम होती नजर आ रही है।
प्रमुख चौराहों और चुंगियों पर तो यातायात पुलिस कर्मी जाम लगते ही सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन प्रमुख मार्गाें पर बीच में लग जाने वाले जाम में लोगों को जूझना पड़ता है। हाल यह है कि मेडिकल कॉलेज के सामने से निकलने वाली सड़क पर एंबुलेंस से लेकर ई-रिक्शा, बाइक सवार और कार सवार भी फंसे नजर आते हैं। जाम में फंसे लोगों का बदन पसीने में तर बतर होता है। चेहरे पर गुस्सा दिखता है और जुबां पर बेहिसाब गालियां।
लगातार बढ़ रही वाहनों की संख्या और इसके सापेक्ष शहर के अंदर की सड़कें न बढ़ने से जाम की समस्या गंभीर हो चली है। शहर में शायद ही कोई ऐसा मार्ग हो जहां जाम की समस्या न हो रही हो। रविवार को मेडिकल कॉलेज के सामने की सड़क पर जाम लग गया। जाम की वजह सड़क किनारे खड़े बेतरतीब वाहन बने। कौशलपुरी निवासी आलोक बाइक समेत जाम में फंसे नजर आए। उमस भरी गर्मी में पूरा बदन पसीने से सराबोर था। बार बार बाइक से उचककर देख रहे थे कि जाम क्यों लगा। जाम में ही फंसे ई-रिक्शा चालक संजीव बेहिसाब गालियां दे रहे थे। उनके ई-रिक्शे में जो सवारियां थीं वह रेलवे स्टेशन जाने वाली थी।
ट्रेन आने का टाइम हो रहा था और जाम लगा हुआ था। कार सवार चंद्र प्रकाश भी यहां जाम में फंसे नजर आए। शीशा उतारकर दाएं बाएं से कार निकालने की जुगत तो कर रहे थे, लेकिन सफल नहीं हो पा रहे थे । कुछ देर बाद ई-रिक्शा चला रहे लोग आपस में लड़े भिड़े। फिर गलती को लेकर गाली गलौज किया। इसी बीच आगे का रास्ता साफ हो गया तो सब चल पड़े। यातायात निरीक्षक प्रमोद कहते हैं कि जाम लगने की सूचना पर फौरन ही पुलिस मौके पर पहुंचती है। यथाशीघ्र जाम खुलवाएजाने की कोशिश की जाती है।