पाली। लखमापुर गांव में गर्रा नदी में डूबे दो दोस्तों के शव बुधवार को बरामद कर लिए गए। एक का शव घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर हन्नखुदा गांव के पास नदी में मिला जबकि, दूसरे का शव पांच किलोमीटर दूर जमहौरा गांव के पास बरामद हुआ। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
पाली कस्बे के मोहल्ला आबिदनगर निवासी चांद बाबू (20) और निजामपुर निवासी अनस (20) छह अन्य दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए मंगलवार शाम पाली से लगभग सात किलोमीटर दूर लखमापुर गांव गए थे। यहां गांव के बाहर स्थित पुराने किले में सभी दोस्तों ने वीडियो बनाए, फोटो खिंचवाई और फिर रील बनाते हुए गर्रा नदी के किनारे चले गए। सभी साथी गर्रा नदी में नहाने लगे। इसी दौरान चांद बाबू और अनस नदी में डूब गए। दोनों के डूबने की सूचना दोस्तों ने परिजनों और पुलिस को दी। मौके पर दोनों के परिजन और पुलिस पहुंची। गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश नदी में कराई गई, लेकिन सुराग नहीं मिला।
बुधवार सुबह अनस का शव घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर हन्नखुदा गांव के पास मिला, जबकि चांद बाबू का शव जमहौरा गांव के पास नदी में उतराता मिला। गोताखोरों की मदद से इन दोनों शवों को बाहर निकाला गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया तो प्रभारी निरीक्षक धीरज शुक्ला की मौजूदगी में पंचनामा भरने के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिए गए।
साथ जाना था शाहजहांपुर मगर दुनिया से साथ हो गए रुख्सत
अनस परिजनों के साथ पिछले चार साल से शाहजहांपुर में रहता था। शाहजहांपुर में अनस हाफिज की पढ़ाई कर रहा था। 25 जुलाई को परिजनों के साथ वह निजामपुर स्थित घर आया था। ताजिये देखने के बाद सोमवार को उसके परिजन शाहजहांपुर चले गए थे, लेकिन अनस बुधवार को वापस आने की बात कहकर रुक गया था। चांद बाबू भी शाहजहांपुर के एक मदरसे में हाफिज की पढ़ाई कर रहा था। वह भी 25 जुलाई को ताजिये देखने के लिए घर आया था। उसे अनस के साथ बुधवार को वापस शाहजहांपुर जाना था, लेकिन इससे पहले मंगलवार को ही घटना में दोनों दोस्तों की मौत हो गई। दोनों दोस्तों को जाना तो शाहजहांपुर साथ था लेकिन साथ में ही दोनों दुनिया से रुखसत हो गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिना नहीं मिलेगी आर्थिक मदद
दैवी आपदा प्रभारी अधिकारी एडीएम प्रियंका सिंह ने बताया कि गर्रा में डूबने से दो युवक की मौत की जानकारी है। एसडीएम से आर्थिक मदद के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया है। ऐसे में आर्थिक मदद भी नहीं दिलाई जा सकेगी।