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ब्लैक लिस्टेड फर्में धड़ाधड़ कर रही काम, जिम्मेदार खामोश

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हरदोई। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान तौलने व क्रय किए गए धान को उठाकर राइस मिलों तक पहुंचाने के कार्य में हीलाहवाली करने वाली तीन फर्में भले ही ब्लैक लिस्टेड हो गई हों, लेकिन इनमें से एक फर्म अब भी सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अनाज का उठान कर रही है। वहीं इस फर्म समेत अन्य दोनों फर्में भी धान क्रय केंद्रों पर निर्बाध रूप से ठेकेदारी कर रही हैं। मतलब यह कि ब्लैक लिस्टेड किए जाने के बाद भी फर्मों से काम लिया जा रहा है।
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सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीदे जाने वाले धान की तौल कराने व धान को राइस मिलों तक पहुंचाने के लिए उठान व परिवहन के अलग-अलग ठेके उठाए जाते हैं। खरीद एजेंसियों की ओर से ई-टेंडर के जरिए फर्मों का चयन इस कार्य के लिए किया जाता है। हरदोई मंडी प्रथम, पिहानी, सांडी, माधौगंज और बिलग्राम स्थित क्रय केंद्रों पर तौल, उठान और परिवहन का काम देख रहीं फर्मों के विरुद्ध कार्य में शिथिलता बरतने की शिकायत लगातार मिल रही थी। आलाधिकारियों के निर्देश पर बीती 31 दिसंबर को आवश्यक खाद्य वस्तु निगम (एसएफसी) के जिला प्रबंधक गंगा प्रसाद ने इन केंद्रों पर उठान और परिवहन काम देख रहीं मैहर रोड लाइंस, शारदा रोड लाइंस व जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव इंटरप्राइजेज के सभी आठ ठेके निरस्त कर दिए। साथ ही तीनों फर्मों को ब्लैक लिस्टेड भी कर दिया गया। ब्लैक लिस्टेड होने के बाद भी तीनों फर्में अलग अलग एजेंसियों में धान क्रय केंद्रों पर तौल और परिवहन का काम ठेके पर कर रही हैं।
ब्लैक लिस्टेड फर्म चला रही पीडीएस का भी ठेका
ब्लैक लिस्टेड की गई कोई भी फर्म किसी भी कार्य को नहीं कर सकती है। ब्लैक लिस्टेड की गई मैहर रोड लाइंस के पास आवश्यक खाद्य वस्तु निगम में पीडीएस का ठेका है। ब्लैक लिस्टेड होने के बाद भी यह फर्म कार्य कर रही हैं। इस फर्म के पास बेंहदर, सांडी, हरपालपुर, शाहाबाद और नगर क्षेत्र का कार्य है। एसएफसी के जिला प्रबंधक गंगाप्रसाद ने बताया कि उन्होंने आलाधिकारियों को कंपनियों के ब्लैक लिस्टेड करने और फिर भी काम करने के बारे में अवगत करा दिया है। आगे की कार्रवाई मुख्यालय स्तर से होनी है।
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भेजा है माफीनामा, लेकिन माफी की गुंजाइश नहीं
ब्लैक लिस्टेड की गई फर्मों में से मैहर रोड लाइंस और शारदा रोड लाइंस के संचालक खासे परेशान हैं। कहीं न कहीं इन लोगों को यह लग रहा है कि फर्म ब्लैक लिस्ट होने के बाद अब पीडीएस के ठेके भी निरस्त होंगे। इससे बचने के लिए फर्म संचालक बैकफुट पर आ गए और जिला खरीद अधिकारी को माफीनामा भेज दिया। विभागीय नियमों के मुताबिक कार्रवाई को वापस नहीं लिया जा सकता है, इसलिए फिलहाल बात नहीं बन पाई।
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