जिले में ध्वस्त हो रही कानून व्यवस्था एवं बदहाल
विद्युत व्यवस्था को लेकर भाजयुमो द्वारा शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में
धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस मौके पर गवर्नर को संबोधित एक ज्ञापन
जिलाधिकारी को सौंपकर मांगों पर अमल कर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन
में मौजूद सांसद अंशुल वर्मा ने कहा कि जिले में पूरी तरह से जंगलराज कायम
है। हत्याओं और दुराचार की घटनाओं की बाढ़ आई हुई है। राहजनी, छिनैती, चेन
स्नैचिंग, बाइक लिफ्टिंग, चोरी और गरीबोें की जमीनों पर कब्जे की घटनाएं
संस्थागत व्यापार बन चुके हैं। यदि जल्द कुछ न हुआ तो जिले की स्थितियां बद
से बदतर हो जाएगी।
विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष भाजयुमो आशुतोष राय ने
कहा कि शहर, कसबों और गांवों में बिजली सप्लाई बदहाल है। नियत शेड्यूल के
अनुसार सप्लाई मिलना दूर, अघोषित कटौती ऊपर से की जा रही है। बिजली न मिलने
से नलकूप ठप हैं और गरीब किसान खरीफ की फसलों की सिंचाई को तरस रहा है।
प्रदेश उपाध्यक्ष साकेत सिंह ने कहा कि रबी की फसल पर अतिवृष्टि और ओलो की
मार पहले ही पड़ने से अब खरीफ को पानी नहीं मिलने से किसान के घरों में
भूखा मरने की नौबत है। यही नहीं जिले के गन्ना किसानों का भुगतान
न्यायालय के निर्देशों पर भी नहीं हो पा रहा है।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष संदीप
सिंह ने कहा कि मनरेगा में प्रशासनिक धांधली का क्रम जारी है। मानव रोजगार
सृजन दिवस, मस्टर रोल पर फर्जी भरे जा रहे हैं। सच्चाई यह भी है कि कार्य
मशीनों से लिया जाता है। पूर्व जिलाध्यक्ष राम बहादुर सिंह ने कहा कि जनपद
की सदर तहसील के बन्नापुर गांव में राधाकृष्ण का ऐतिहासिक मंदिर अपना
अस्तित्व खोता जा रहा है। इसी तरह अन्य स्थानों पर मंदिरों का हाल है।
जनपद
के शाहाबाद और बिलग्राम, पिहानी जैसे स्थानों पर मकबरों का संरक्षण
पुरातत्व विभाग कर सकता है तो मंदिरों का संरक्षण क्यों नहीं हो सकता। इस
दौरान पदाधिकारियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्र
को सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर माघवेंद्र प्रताप सिंह,
शैलेंद्र सिंह, अनोज मिश्रा, रामचंद्र सिंह राजपूत, आशीष सिंह, अरुण सिंह,
विकास चौहान, अनुज द्विवेदी, सुजीत वर्मा, आलोक गुप्ता आदि मौजूद थे।