आरोप है कि विधायक ने उन्हें गाली दी और अभद्रता की। दरवाजा खोलकर मारने के लिए उतरने लगे। इतना ही नहीं अनुराधा कुशवाहा के चालक अखिलेश सिंह को विधायक के साथ आए लोगों ने पकड़ लिया और कार की चाबी छीन ली। मारा पीटा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सवायजपुर में नजर न आने की धमकी दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने घटना की जानकारी एसडीएम सवायजपुर को फोन पर दी। एसडीएम ने मौके पर पुलिस बल भेजा और पुलिस की सुरक्षा में उन्हें तहसील बुला लिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी का यह भी आरोप है कि विधायक के भतीजे व चार समर्थकों ने उन पर समझौता करने के लिए दबाव भी तहसील परिसर में बनाया।
पूरे मामले में विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू का कहना है कि सारे आरोप निराधार हैं ।वह अपनी भाभी की दवा लेने जा रहे थे। इसी दौरान व्यापारियों की भीड़ ने उन्हें रोका और उत्पीड़नत्मक कार्रवाई से बचाने की गुहार लगाई। इस पर उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी से बातचीत की थी। उधर, दूसरी ओर सैनी मिष्ठान भंडार के प्रोपराइटर विजय सैनी ने सवायजपुर थाने में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर में विजय सैनी ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी उनकी दुकान पर आईं और 20 हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर उन्होंने झूठे मामलों में फंसाने की धमकी भी दी।