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दस विकास खंडों में भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय

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हरदोई। जनपद के 19 विकास खंडों में से दस पर भाजपा प्रत्याशियों का ब्लाक प्रमुख पद पर निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। इन 10 विकास खंडों में सिर्फ भाजपा प्रत्याशियों ने ही नामांकन दाखिल किए थे। दो विधायकों के पुत्र, एक विधायक के छोटे भाई की पत्नी और एक विधायक की चाची के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता भी साफ है।
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कोथावां में ब्लाक प्रमुख का पद अनारक्षित है। इस सीट पर भाजपा ने बालामऊ से भाजपा विधायक रामपाल वर्मा के पुत्र और निवर्तमान ब्लाक प्रमुख निर्भय वर्मा को प्रत्याशी घोषित किया था। गुरुवार को सिर्फ निर्भय वर्मा का ही नामांकन दाखिल हुआ है। ऐसे में उनका निर्विरोध निर्वाचन तय है। इसी तरह गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश के पुत्र रवि प्रकाश को भाजपा ने टड़ियावां से ब्लाक प्रमुख पद का प्रत्याशी घोषित किया है। गुरुवार को यहां भी सिर्फ रवि प्रकाश का ही नामांकन दाखिल हुआ। एकल नामांकन के कारण यहां भी निर्विरोध निर्वाचन तय है।
मल्लावां में क्षेत्रीय विधायक आशीष सिंह आशू की चाची डॉ. गीता वर्मा को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। यहां भी डॉ. गीता वर्मा का एकल नामांकन होने के कारण निर्विरोध निर्वाचन तय है। भरखनी में क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू के छोटे भाई गन्ना संघ के निदेशक धीरेंद्र प्रताप सिंह सेनानी की पत्नी अंजू सिंह को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। यहां भी एकल नामांकन हुआ है और उनका निर्विरोध निर्वाचन तय है।
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शाहाबाद और टोडरपुर में विधायक व जिलाध्यक्ष की रणनीति आई काम
शाहाबाद और टोडरपुर विकास खंड में भी भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय है। क्षेत्रीय विधायक रजनी तिवारी के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा का गृह ब्लाक होने के कारण यहां दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर थी। दोनों की कुशल रणनीति और प्रत्याशी चयन में एकमत होना सफलता का कारण बना। टोडरपुर में निवर्तमान ब्लाक प्रमुख रामबाबू त्रिवेदी की पत्नी नीतू त्रिवेदी का एकल नामांकन होने के कारण निर्विरोध निर्वाचन तय है। इसी तरह शाहाबाद विकास खंड में त्रिपुरेश मिश्रा को भाजपा प्रत्याशी बनाया गया था। उनका भी निर्विरोध निर्वाचन एकल नामांकन होने के कारण तय हो गया है।
बावन, हरियावां, अहिरोरी में चला नरेश का जादू
बावन विकास खंड से भाजपा ने नरेश अग्रवाल के भरोसेमंद पूर्व ब्लाक प्रमुख धर्मेंद्र सिंह की पत्नी शिवा सिंह को प्रत्याशी घोषित किया था। गुरुवार को इस सीट से सिर्फ शिवा सिंह का ही नामांकन पत्र दाखिल हुआ। ऐसे में शिवा सिंह का निर्विरोध निर्वाचन तय है। सदर विधानसभा क्षेत्र में ही आने वाले हरियावां विकास खंड में भी नरेश अग्रवाल का जादू चला। नरेश अग्रवाल ने अपने करीबी प्रेम सिंह के समर्थक राम दयाल को प्रत्याशी घोषित कराया था। एकल नामांकन के कारण यहां भी निर्विरोध निर्वाचन तय है। अहिरोरी ब्लाक क्षेत्र को भी नरेश अग्रवाल के प्रभाव वाला इलाका माना जाता है। यहां भी उन्होंने अपने करीबी धर्मवीर सिंह पन्ने को भाजपा प्रत्याशी घोषित कराया था। गुरुवार को इस ब्लाक में सिर्फ पन्ने सिंह का ही नामांकन हुआ। यहां नामांकन के दौरान सदर सांसद जय प्रकाश भी मौजूद रहे। इनका भी एकल नामांकन के कारण निर्विरोध निर्वाचन तय है।
भाइयों के मिलन से रामश्री का निर्विरोध निर्वाचन तय
कछौना के ब्लाक प्रमुख पद पर सभी की निगाहें लगी हुई थीं। वजह यह कि संडीला के भाजपा विधायक राज कुमार अग्रवाल और उनके सगे छोटे भाई पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक अग्रवाल के बीच ही जोर आजमाइश हो रही थी। यहां ब्लाक प्रमुख का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। अशोक अग्रवाल ने नरेश अग्रवाल के जरिए अपनी करीबी रामश्री को भाजपा का टिकट दिलवाने में सफलता पा ली थी। गुरुवार को अशोक अग्रवाल की मौजूदगी में रामश्री का एकल नामांकन हुआ। ऐसे में उनके निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। खास बात यह रही कि प्रत्याशी की घोषणा होने के बाद अशोक अग्रवाल ने अपने बड़े भाई राज कुमार अग्रवाल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, तो राज कुमार अग्रवाल ने भी खुले मन से आशीर्वाद दे दिया।
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