ग्राम मुहुईपुरी स्थित जगदीश धाम में सप्तम विष्णु
महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का श्रीगणेश कलश यात्रा एवं वैदिक रीति नीति
के अनुसार आचार्यों के मंत्रोच्चारण के बीच हुआ। निकाली गई भव्य कलश यात्रा
में देवी देवताओं की झांकी सजाई गई।
देवताओं के वेशभूषा में सजे बच्चों
ने झांकी के जरिए सभी का मन मोह लिया। गाजे बाजे के साथ निकली कलश यात्रा
एवं झांकियों के साथ चल रहे श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से जयकारे लगाए।
आयोजक मदन मोहन पांडेय तथा श्याम सुंदर पांडेय ने कलश स्थापना के साथ यज्ञ
मंडप तथा कथा व्यास मंच का पूजन परिजनों के साथ वैदिक रीति नीति के अनुसार
कराया।
इसके बाद ब्रजधाम से आए हेमानंद महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का
वर्णन करते हुए कहा कि कथा के सुनने से कल्याण हो जाता है, इसलिए कथा का
श्रवण पूरे मनोयोग से करने के साथ उसका जीवन में अनुसरण भी करना चाहिए। उन्होंने
भगवान की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ईश्वर की महिमा अपार है, जिसका
वर्णन करने के लिए जितना समय लिया जाए कम है।
ईश्वर की कृपा पाने को सेवा
और समर्पण के साथ श्रद्धा भाव जरूरी है। वृंदावन धाम से आए रहस विहारी
महाराज ने भगवत कथा का मनोहारी वर्णन किया। इस मौके पर आचार्य बालकृष्ण
शास्त्री, वेदाचार्य देवेंद्र, अजय मिश्रा ने पूजन संपन्न कराया। इस मौके
पर विनय पांडेय, विनीत, भोले, हरिओम, विनेश, रामजी, आदेश आदि मौजूद थे।