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Hardoi News: जिला अस्पताल में बेड फुल, स्ट्रेचर पर लेट रहे मरीज

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हरदोई। पिछले सप्ताह से उमस भरी गर्मी ने पेट दर्द के मरीजों की संख्या में इजाफा कर दिया है। यहां तक अस्पताल के वार्ड मरीजों से फुल हो गए हैं। अक्सर मरीजों को स्ट्रेचर पर ही घंटों लेटना पड़ रहा है। बेड खाली होने के बाद उन्हें वार्ड में पहुंचाया जाता है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 1600 मरीजों के नए पर्चे बने। वहीं, पुराने मरीजों को मिलाकर पांच हजार के पास मरीजों की संख्या ओपीडी में पहुंच रही है। डॉक्टरों की माने तो करीब 40 फीसदी पेट दर्द और बुखार से ग्रसित मरीजों की संख्या पहुंच रही है।
इमरजेंसी वार्ड में रोजाना 15 से 20 मरीज भर्ती रहे हैं। शाम के समय में पेट दर्द के मरीजों की संख्या अधिक पहुंचती है। बढ़ती मरीजों की संख्या की वजह से वार्ड में बेड फुल हो चुके हैं।
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बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। जिला अस्पताल का भवन टूट चुका है। इसकी वजह से अस्पताल प्रशासन के पास भवन की कमी है। इस कारण मरीजों को वार्ड में बेड खाली होने तक इंतजार करना पड़ रहा है। बेड की समस्या दूर करने के लिए मानक विहीन तरीके से गैलरी तक में बेड डलवा दिए गए हैं।
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औषधि बोर्ड पर नहीं होता दवाओं का ब्योरा
मेडिकल कॉलेज की नई ओपीडी में औषधि के दो बोर्ड दवा वितरण काउंटर के पास लगाए गए हैं। इसमें दवा की उपलब्धता होना या न होने के बारे में कुछ भी दर्शाया नहीं जाता है। इस कारण मरीजों को जो बताया जाता है। उसी पर भरोसा करना पड़ रहा है।
इनसेट
चार में मिलती सिर्फ दो दवा
स्वशासी राज्य शिक्षा महाविद्यालय सोसाइटी के औषधि वितरण केंद्र पर मरीजों की माने तो उन्हें अगर डॉक्टर ने चार दबाएं लेने का परामर्श दिया है, इसमें सिर्फ दो ही दवाएं उपलब्ध हो पाती हैं। शहबादपुर से आए राजेश ने बताया कि उन्हें पेट दर्द की समस्या थी। डॉक्टर ने चार प्रकार की दवाएं लिखीं, लेकिन दवा काउंटर पर सिर्फ दो प्रकार की दवाएं मिलीं। दो दवाएं जन औषधि केंद्र पर खरीदी हैं। वहीं जिम्मेदारों का दावा है कि सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं।

कोट
मेडिकल कॉलेज के भवन बनने के लिए भवन को करीब दो वर्ष पहले गिराया गया था। नया भवन बन रहा है। जल्द ही भवन का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है। उसके बाद से मरीजों को बेड की कोई भी समस्या नहीं रहेगी। दवाएं सभी उपल्बध है। दवाओ की कमी के बारे में जानकारी करके उन्हे पूरा कराया जाएगा। मरीजों को कोई परेशानी नही होने दी जाएगी।
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डॉ जेके वर्मा सीएमएस जिलाअस्पताल हरदोई।
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