हरदोई। संडीला में जिला विकास अधिकारी की फटकार के बाद खंड विकास अधिकारी की तबीयत खराब होने के मामले को लेकर प्रादेशिक विकास सेवा संवर्ग की बैठक शनिवार को विकास भवन सभागार में हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) को जनपद की प्रादेशिक विकास सेवा संघ की कार्यकारिणी से बाहर कर दिया जाए। प्रस्ताव पारित किया गया कि 15 दिन के अंदर डीडीओ का स्थानांतरण गैर जनपद नहीं हुआ तो कार्यकारिणी के सभी सदस्य कार्य से विरत हो जाएंगे।
शुक्रवार को संडीला ब्लाक मुख्यालय में डीडीओ राजितराम मिश्रा ने सोशल ऑडिट की बैठक को लेकर खंड विकास अधिकारी रामसमोखन को फटकार लगा दी थी। इसी दौरान डीडीओ और ब्लाक प्रमुख कुंवर वीरेंद्र सिंह के बीच भी विवाद हो गया था। इस सबके बीच बीडीओ की हालत बिगड़ गई थी और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संडीला में भर्ती कराया गया था। अब उनकी सेहत में काफी सुधार है। पूरे मामले पर शनिवार को विकास भवन में प्रादेशिक विकास सेवा संघ की बैठक हुई। बैठक में डीडीओ राजितराम मिश्रा को प्रादेशिक सेवा विकास संघ हरदोई से बाहर रखने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
यह निर्णय भी लिया गया कि जिला विकास अधिकारी का स्थानांतरण गैर जनपद कराने के लिए सभी सदस्य सीडीओ को पत्र लिखकर अवगत कराएंगे। हाल ही में दिवंगत हुए बीडीओ मोहम्मद फारुख के अंतिम देयक और वेतन के प्रकरण जल्द निस्तारित कराने की मांग की गई। डीडीओ को जनपद से बाहर स्थानांतरित कराए जाने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी को अवगत कराने का निर्णय हुआ। बैठक में ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक आरके श्रीवास संरक्षक के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा सह संरक्षक के रूप में उपायुक्त स्वत: रोजगार विपिन कुमार चौधरी और उपायुक्त मनरेगा प्रमोद सिंह चंद्रौल मौजूद रहे। प्रादेशिक सेवा विकास संघ के अध्यक्ष ऋषिपाल सिंह, महामंत्री सुधीर कुमार, कोषाध्यक्ष संध्या रानी, उपाध्यक्ष विद्याशंकर कटियार, मीडिया प्रभारी अमरेश सिंह चौहान और सदस्य रामसमोखन भी मौजूद रहे।
डीडीओ ने रखा पक्ष
डीडीओ राजितराम मिश्रा ने बताया कि प्रादेशिक विकास सेवा संघ की जिला इकाई भंग हो चुकी है। जिला इकाई की बैठक कभी नहीं बुलाई गई, जबकि वह इसके संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि प्रादेशिक विकास सेवा संघ से बाहर कर देना स्थानीय पदाधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सीडीओ ने शनिवार दोपहर शुक्रवार की घटना पर उन्हें और बीडीओ संडीला को बुलाया था। डीडीओ ने दावा किया कि पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया था।