हरियावां। विद्युत उपकेंद्र में गुरुवार रात बीसीवी पैनल में आग लग गई। इससे उपकेंद्र पर भगदड़ मच गई।
फायर कर्मियोंं ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पैनल जलने से पूरा उपकेंद्र बंद हो गया। इससे 150 गांव की आपूर्ति ठप हो गई। इससे 10 हजार उपभोक्ता प्रभावित रहे। उपभोक्ताओं को पूरी रात बिना बिजली के रहना पड़ा। करीब 18 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
विद्युत उपकेंद्र पर लगे बरगांव और सधिनवां फीडर के बीसीवी पैनल में गुरुवार रात आठ बजे अचानक आग लग गई। आग से उपकेंद्र में भगदड़ मच गई। उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारी ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेज होती गई। कर्मचारियों ने आवासीय गांधी आवासीय विद्यालय के अग्निशमन यंत्र लगाकर आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग शांत नहीं हुई। इस पर 112 पर सूचना दी गई। सूचना के बाद फायर कर्मी उपकेंद्र पहुंचे और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
आग से पूरा उपकेंद्र बंद हो गया। इससे 150 गांव के 10 हजार उपभोक्ता परेशान रहे। 19 घंटे बाद शुक्रवार शाम पांच बजे उपकेंद्र के दो फीडर की आपूर्ति शुरू हो सकी। बरगांव और संधिनावा फीडर की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी थी। जेई मुकुंद राय ने बताया कि दो फीडर की सफाई करके चालू कर दिया जाएगा। आग से जलने वाले दो फीडर से जुड़े क्षेत्र में शनिवार को आपूर्ति शुरू हो सकेगी।
विद्युत उपकेंद्र पर लगे बीसीवी पैनल पहले से खराब थे, जिसको बदलने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा चुका है। मगर उनको बदला नहीं गया। इससे गर्मी में ओवरलोडिंग के कारण आग लग गई।
विद्युत उपकेंद्रों पर आकस्मिक समय के लिए अग्निशमन यंत्र के लगाए जाने के निर्देश हैं। मगर जब उपकेंद्र पर आग लगी तो उपकेंद्र पर अग्निशमन यंत्र नहीं थे। कर्मचारी आवासीय कस्तूरबा विद्यालय और पेट्रोल पंप पर अग्निशमन यंत्र लेने के लिए दौड़े। अगर उपकेंद्र पर अग्निशमन यंत्र होते तो आग को जल्द काबू में किया जा सकता था।