हरदोई। बैंक मित्र ने जालसाजी करके महिला की लोहिया आवास की आई किस्त से 35 हजार रुपये पार कर दिए। पीड़िता को जानकारी होने पर वह शाखा प्रबंधक के पास शिकायत लेकर पहुंची। शाखा प्रबंधक ने उसे टरका दिया। काफी गिड़गिड़ाने पर शाखा प्रबंधक ने बैंकमित्र से उसके खाते में पांच हजार रुपये वापस कराए। पीड़िता की आवास से अब भी 30 हजार रुपये गायब हैं। जब वह बैंक मित्र की शिकयत करने थाने पहुंची तो पुलिस ने उसे भगा दिया। पीड़िता ने गुरुवार को एसपी विपिन मिश्रा को फरियाद सुनाई।
पाली थाना क्षेत्र के बेहटी गांव निवासी नीरज निशक्त है। उसकी पत्नी मंजू का बैंक ऑफ इंडिया की शाखा रुपापुर में तीन साल पुराना खाता है। मंजू बैंक मित्र के माध्यम से ही बराबर लेनदेन करती है। उसको जून में लोहिया आवास मिला था। जिसमें 1037500 रुपये की दो किस्तें मंजू के खाते में आ चुकीं थी। 26 जून को बैंकमित्र ने गलत तरीके से आईडी लगाकर उसके खाते से तीन बार में 15 हजार रुपये पार कर दिए। दूसरी बार 3 जुलाई को उसके खाते से 10 हजार निकाले गए।
उसके मोबाइल पर बार-बार मैसेज आने पर उसने गांव में लोगों को दिखाया। ग्रामीणों ने उसे खाते से नगदी निकाले जाने की जानकारी दी। वह शाखा प्रबंधक के पास शिकायत लेकर गई, शाखा प्रबंधक ने उसे टरका दिया। पीड़िता का आरोप है उसको खाते में आई लोहिया आवास की किस्त से अभी भी 30 हजार गायब है। पीड़ित बैंक मित्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंची। पुलिस ने फरियाद सुने बगैर उसे भगा दिया। गुरुवार को पीड़िता ने एसपी विपिन कुमार को दुखड़ा सुनाया। एसपी ने पीड़िता को मदद का अश्वासन दिया।