हरदोई। वेतन पुनरीक्षण की मांग को लेकर आंदोलनरत बैंककर्मियों ने सोमवार को काले फीते बांधकर कार्य किया। शाम को इंडियन बैंक के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि केंद्रीय श्रमायुक्त ने सोमवार को केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय मामलों के विभाग, बैंक मैनेजमेंट और यूनियनों के प्रतिनिधियों की बैठक में तीन दिन की हड़ताल से पहले विवाद हल करने को कहा है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले हुए विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। फोरम के स्थानीय संयोजक आरके पांडेय ने कहा कि मैनेजमेंट बैंकों में हड़ताल करने के लिए बैंक यूनियंस को विवश कर रहा है। बैंककर्मियों की वेतन पुनरीक्षण की मांग जायज है।
बैंककर्मी कड़ी मेहनत से कमाए गए मुनाफे में से एक वाजिब हिस्सा वेतनवृद्धि के रूप में चाहते हैं। वेतन पुनरीक्षण के अलावा बैंक यूनियंस पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों में नई पेंशन स्कीम खत्म कर पुरानी पेंशन बहाली, पेंशन का भी पुनरीक्षण, पारिवारिक पेंशन में सुधार शामिल है।
बैंक यूनियंस ठेका कर्मचारियों व बिजनेस करेस्पांडेंट के लिए समान कार्य समान वेतन की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में अजय मेहरोत्रा, आशीष मिश्रा, अनूप कुमार सिंह, वर्षा मेहरोत्रा, अनामिका सिंह, अपेक्षा सिंह, अंकित मिश्रा, कौशलेंद्र शुक्ला, अमित त्रिपाठी, फरजान, संदीप पटेल, अनादि ब्रह्म, देश दीपक, मयंक दीप, अंशुमान अवस्थी, आशुतोष मिश्र, संदीप, वरुण सिंह रावत, शुभम, अरोरा, वीर बहादुर, पवन मिश्रा, शैलेंद्र शर्मा, पवन रस्तोगी, प्रकाश दुबे, साधना, ऋषि पाल मौजूद रहे।