हरदोई। हरदोई के गांव तेरवाकुल्ली की सीमा में बसे बक्शीपुरवा और कासिमपुर गांव कागजों पर कन्नौज जिले के हैं। इन दोनों गांवों के लोग सरकारी सुविधाओं का लाभ कन्नौज जिले से ले रहे हैं और मतदान भी कन्नौज में ही करते हैं। यह सच कन्नौज और हरदोई सीमा विवाद की गहराई से शुरु हुई जांच में सामने आया है। हरदोई और कन्नौज की सीमा तय करने वाली गंगा नदी के पार कन्नौज जिले इसी नाम से गांव भी है। प्रशासन ने अब इसकी जांच शुरु कर दी है शीघ्र इसकी आख्या राजस्व परिषद को भेजी जाएगी।
हरदोई और कन्नौज जिले में सीमा विवाद को लेकर राजस्व परिषद ने एक रिपोर्ट मांगी है। इसमें सीमा विवाद के कारणों और इसके निवारण के बिंदुओं पर दोनों जिलों के अधिकारियों से तथ्यात्मक और स्थलीय जांच करते हुए साक्ष्य भी मांगे हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में एडीएम प्रियंका सिंह, बिलग्राम एसडीएम राकेश सिंह, राजा टोडरमल भूलेख प्रशिक्षण संस्थान के उप निदेशक विजय सिंह से सीमा विवाद पर चर्चा की।
चर्चा में पहले सीमा विवाद ही सामने लाया जाता रहा लेकिन, जब डीएम ने हरदोई जनपद की सीमा में बसे बक्शीपुरवा और कासिमपुर पर चर्चा की तो, चौकाने वाले तथ्य सामने आए। इन गांवों के लोग भूमि की खरीद-फरोख्त हरदोई के निबंधन कार्यालय से ही करते हैं और दाखिल-खारिज भी हरदोई से ही होता है।
क्षेत्र निवासी डीसीबी चेयरमैन अशोक सिंह ने भी गांवों के कन्नौज जनपद के होने की जानकारी दी। इस पर डीएम ने बिलग्राम एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वह आजादी के बाद से अब तक राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर लें। दोनों गांवों के संबंध में पूरी जानकारी जुटा ली जाए। बताया कि इसी आधार पर राजस्व परिषद को आख्या भेजी जाएगी।