शाहाबाद। ब्लॉक सभागार में हुए सपा के अल्पसंख्यक सम्मेलन में विधायक बाबू खान के दिल का दर्द छलक आया। उन्होंने कहा कि पार्टी का पुराना वफादार हूं फिर भी अभी तक मंत्री पद नहीं दिया गया। मैं पार्टी के प्रति वफादार हूं और जीना मरना सपा के साथ ही है।
उन्होंने कहा कि सियासत में या तो पलटवार हो अन्यथा राजनीति से दूर हो जाना चाहिए। उनका इशारा हाल ही में बसपा से निकाले गए पूर्व विधायक बब्बू की तरफ था! जिलाध्यक्ष शराफत अली ने कहा की प्रदेश में छह महीने के भीतर विधान सभा चुनाव होने वाले हैं। प्रदेश की तकदीर व तस्वीर बनाना आपके हाथ में है। उन्होंने बसपा से निष्काषित नेताओं के सपा में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि जो बसपा के प्रति वफादार नहीं हुए वह हमारे क्या होंगे।
विधान परिषद सदस्य मिसबहाउद्दीन ने कहा कि हिंदू समाज के सहयोग के बगैर कोई चुनाव जीता नहीं जा सकता है। सरकार ने जनता के हित में कई योजनाएं चलाई हैं। चुनाव के समय जनता से किए गए वादों को पूरा कर दिया गया है। सम्मेलन को विधायक पुत्र सरताज खां, ब्लाक प्रमुख उदयवीर सिंह मो. आरिश इमरान खान आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नलिन गुप्ता ने की। इस अवसर पर प्रधान संघ के अध्यक्ष तौकीर खान, जमील अहमद, नीतू गुप्ता, मनोज मिश्रा आदि लोग रहे।