संवाद न्यूज एजेंंसी
भरावन। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय अतरौली का औचक निरीक्षण करने पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी अध्ययनरत छात्राओं की बात सुनकर सन्न रह गए। छात्राओं ने बताया कि स्कूल में खाना बनाना पड़ता है। इसकी वजह से पढ़ाई बाधित होती है। भोजन बनाने से मना करने पर रसोइया के स्तर से अभद्रता किए जाने का आरोप भी छात्राओं ने लगाया।
खंड शिक्षा अधिकारी डीएल राना गुरुवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय अतरौली पहुंचे। विद्यालय में 100 के सापेक्ष 80 छात्राएं मौजूद मिलीं। इन छात्राओं से बीईओ ने भोजन व्यवस्था के बारे में पूछा, तो छात्राएं फूट पड़ीं। छात्राओं ने कहा कि विद्यालय में भोजन बनाना पड़ता है।
भोजन न बनाने पर रसोइया अभद्रता करतीं हैं। इन सब वजहों से पढ़ाई बाधित हो रही है। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने वार्डन वंदना कनौजिया से पूछा तो पता चला कि दो रसोइया बिना सूचना के विद्यालय नहीं आ रही हैं। सिर्फ एक रसोइया सुमन देवी खाना बनाती हैं। इसलिए बच्चों से सहयोग लिया जाता है।
एक रसोइया बिब्बन नौ अगस्त से और दूसरी रसोइया अर्चना नौ सितंबर से गैर हाजिर चल रही है। खंड शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अस्थाई रसोइया की व्यवस्था कर काम चलाया जाए।
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रसोइया बोली रेगुलेटर और चूल्हा गड़बड़
विद्यालय की रसोइया सुमन देवी ने व्यवस्थाओं पर ही सवाल उठा दिया। सुमन देवी का कहना है कि गैस सिलिंडर का रेगुलेटर और चूल्हा खराब है। किसी तरह जुगाड़ से खाना बनाती हैं। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिया कि व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं।