हरदोई। जिलाधिकारी के निर्देश पर 30 अप्रैल को आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षणों ने व्यवस्था की कलई खोल दी। जिलास्तरीय अधिकारियों की रिपोर्ट में केंद्रों की स्थिति बदहाल मिलने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कार्रवाई की है। सात कार्यकत्रियों और पांच सहायिकाओं की सेवा समाप्त कर दी गई, पांच मुख्य सेविकाओं से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल विकास विभाग की सेवाओं का सत्यापन जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों ने 30 अप्रैल को किया था। रिपोर्ट में कई विकास खंडों के आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले तो कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। विकास खंड हरपालपुर के ककरा का प्रथम केंद्र बंद मिला, द्वितीय पर कार्यकत्री बीना सिंह अनुपस्थिति थी, जबकि तृतीय केंद्र पर दोनों कर्मी अनुपस्थिति मिले। विकास खंड कोथावां में कार्यकत्री निर्मला देवी अनुपस्थित थी। कछौना ब्लाक में आंगनबाड़ी केंद्र खजोहना बंद मिला और पोषाहार का वितरण नहीं हुआ, कार्यकत्री व सहायिका को दोषी पाया गया। टोडरपुर ब्लाक के बूढ़नपुर केंद्र पर कार्यकत्री मिथलेश कुमारी व सहायिका कल्पना यादव अनुपस्थित मिलीं, दूसरे केंद्र पर बच्चों की संख्या शून्य मिलीं, कार्यकत्री नीलम कुमारी व सहायिका रंजनी को दोषी पाया गया।
सांडी ब्लाक का दस्योली आंगनबाड़ी केेंद्र बंद मिलने पर कार्यकत्री व सहायिका पर कार्रवाई की गई। डीपीओ ने सभी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं की सेवा समाप्त कर दी। वहीं, शिथिल पर्यवेक्षण पर कोथावां मुख्य सेविका सुमित्रा देवी, हरपालपुर मुख्य सेविका राम दुलारी, कछौना मुख्य सेविका विनीता शुक्ला, टोडरपुर मुख्य सेविका साधना वर्मा और सांडी मुख्य सेविका मंजू मिश्रा को कारण बताओ नोटिस देकर तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है।
हरियावां ब्लाक लिपिक का वेतन रोका
आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया दिए जाने में लापरवाही बरतने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने विकास खंड हरियावां के वरिष्ठ लिपिक पर कार्रवाई कर दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार ने बताया कि हरियावां के चचरेहिया गांव में बने आंगनबाड़ी केंद्र का किराया दिया जाना है लेकिन ब्लाक के वरिष्ठ सहायक प्रभु दयाल ने अभी प्रक्रिया शुरू ही नहीं की, जबकि कार्यकत्री की ओर औपचारिकताएं पूरी कर दी गईं। डीपीओ ने लिपिक का वेतन रोक दिया है।