हरदोई। सूबे के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि कुपोषण को लेकर जन जागरूकता जरूरी है। कोई बच्चा किसी भी दशा में कुपोषित न हो, इसलिए ग्रामों में विशेषकर माताओं को जागरूक करना जरूरी है।
वह शुक्रवार को रसखान प्रेक्षाग्रह में कुपोषण एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यशाला के शुभारंभ मौके पर बोल रहे थे। कहा कि स्वच्छ रहने से ही कुपोषण से बचा जा सकता है, इसके लिए शौचालय का प्रयोग करे। बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को हरी सब्जियों के साथ विटामिन युक्त पदार्थोें का सेवन कराएं और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। कहा कि इस मिशन की कामयाबी में आईसीडीएस, पंचायती राज तथा स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसमें आशा, आंगनबाड़ी, चिकित्सक, एएनएम, सफाई कर्मियों के साथ ग्रामीण स्तर के अधिकारी पूर्ण सहयोग प्रदान करें और मिशन की सफलता शत प्रतिशत सुनिश्चित करें।
डीएम रमेश मिश्र ने कहा कि कुपोषण से बच्चों का शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास रुक जाता और वह कमजोर हो जाते। कहा कि कु पोषण जैसी भीषण समस्या के निदान को जन-जन को जागरूक करें और महिला, पुरुषों व बच्चों को स्वच्छता को प्रेरित करें। डीपीओ प्रकाश चौरसिया ने बताया कि जिले में 0 से 5 वर्ष तक के 3.50 लाख बच्चे हैं, जिनमें 1.37 लाख कुपोषित हैं, जिन्हें शीघ्र उपचार की जरूरत है। इस मौके पर राज्य एससी/एसटी आयोग के सदस्य पीके वर्मा, सीडीओ आरएन सिंह यादव, डीपीआरओ हरिशंकर मिश्रा आदि थेे।