राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का अधिवेशन मंगलवार को
प्रेक्षागृह में हुआ। जिसमें राज्य कर्मियों की समस्याओं पर चर्चा कर
समस्याओं के निस्तारण की बात कही। वहीं पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नई
कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष व संप्रेक्षक को निर्विरोध
चयन कर मंत्री पद के लिए दो दावेदारों के बीच वोटिंग की गई।
निर्वाचन के
बाद विजयी पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। द्विवार्षिक अधिवेशन की शुरुआत
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष/प्रांतीय पर्यवेक्षक
यदुवीर सिंह और संघर्ष समिति चेयरमैन शिवबरन सिंह यादव की देखरेख में हुआ।
अधिवेशन में कर्मियों की कई समस्याआें पर चरचा की गई।
साथ ही पुरानी
कार्यकारिणी को भंग कर नवीन कार्यकारिणी गठित की गई। इसमें परिषद के
अध्यक्ष पद के लिए अवधेश कुमार सिंह का दोबारा सर्वसम्मति से निर्वाचन हुआ,
जबकि अर्चना वर्मा को निर्विरोध संप्रेक्षक निर्वाचित किया गया।
मंत्री
पद के लिए अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे जेएन तिवारी तथा अभियंता शिव गोपाल
सिंह के बीच वोटिंग की गई, जिसमें 18 मतों से शिव गोपाल सिंह विजयी घोषित
किए गए। नवीन कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। नवीन
पदाधिकारियों ने प्रांतीय प्रेक्षकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
अधिवेशन में 40 विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में संरक्षक
राजकुमार कपिल, प्रभा सिंह, इंजीनियर नवीन सहगल, अशोक मिश्रा, मनोज सिंह,
अशोक वर्मा, जितेंद्र बहादुर, महावीर प्रसाद, रुचि गुप्ता राठौर आदि मौजूद
थे।