फोटो-31-महिला चिकित्सालय में रवाना होने से पूर्व भर्ती सात दिन का बालक। संवाद
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हरदोई। जिले में पहली बार होगा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत सात दिन के बच्चे को दिल के ऑपरेशन के लिए भेजा जा रहा हो। चिकित्सकों की निगरानी में जनपद से सात दिन के मासूम को एंबुलेंस से अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। उसके साथ तीन अन्य दिल के रोगी बच्चों को भी ऑपरेशन के लिए भेजा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत गंभीर रोग से पीड़ित बच्चों का निशुल्क इलाज करवाया जाता है। इससे जरूरतमंद और गरीब माता-पिता के बच्चों को उपचार मिलता है। आरबीएसके की टीमें स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की जांच करतीं हैं। इसी के तहत रविवार को दिल की समस्या से जूझ रहे चार बच्चों को ऑपरेशन कराने अलीगढ़ भेजा गया है। इसमें शहर के वैटगंज निवासी मोहित गुप्ता का सात दिन का बच्चा भी शामिल है। चिकित्सकों की टीम की देखरेख में इसे एक अलग एंबुलेंस में अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि जिले से यह पहला केस होगा जो इतनी कम उम्र का है। हम सभी चिकित्सक भी दुआ करते हैं कि सात दिन के बेबी सहित चारों बच्चे स्वस्थ्य होकर वापस आएं। जिला प्रभारी मो. शाहिद ने बताया कि अलीगढ़ भेजने से पहले बच्चों व उनके अभिभावकों की कोरोना जांच कराई गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
उम्मीदों के साथ अभिभावक भी हुए रवाना
एंबुलेंस में टड़ियावां के संजय भी अपनी दो वर्षीय बेटी आन्या को लेकर रवाना हुए। उनकी बेटी के दिल में छेद है। इसी तरह शाहाबाद के जोगीपुर निवासी राजीव कुमार का नौ वर्षीय बेटा प्रिंस, मोमिनाबाद निवासी इमरान का आठ वर्षीय पुत्र जैद भी अभिभावकों के साथ रवाना हुए हैं।
प्रदेश में होगा यह दूसरा केस
आरबीएसके टीम के जिला प्रभारी मो. शाहिद का कहना है कि इससे पूर्व पांच दिन की एक बच्ची के दिल का ऑपरेशन पहली बार अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में इस योजना के तहत कराया गया था। वह बदायूं जिले की थी। सात दिन के इस बच्चे का केस प्रदेश में दूसरा होगा।