हरदोई। जिले के विकास का खाका तैयार करने वाली जिला योजना की बैठक को अधिकारी और जनप्रतिनिधि गंभीरता से नहीं लेते हैं। मंगलवार को हुई बैठक में जिला पंचायत सदस्य, दो सांसद, तीन विधायक और दो एमएलसी नहीं पहुंचे। प्रभारी मंत्री अभिषेक मिश्रा डेढ़ घंटे देरी से पहुंचे। बैठक शुरू होते ही बालामऊ से सपा विधायक अनिल वर्मा का दर्द छलक पड़ा। वे बोले, अधिकारी उनकी नहीं सुनते हैं। सांसद अंशुल वर्मा ने प्रस्ताव न लेने पर नाराजगी जताई।
जिला योजना समिति की बैठक बुधवार को एक बजे प्रस्तावित थी। इसकी जानकारी सभी सांसदों, विधायकों, एमएलस्री, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्यों सहित परिषद के सभी पदेन सदस्यों को दे दी गई थी। बैठक में सबसे पहले बसपा की विधायक रजनी तिवारी और बृजेश वर्मा पहुंच गए। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य जनप्रतिनिधि पहुंचने लगे। निर्धारित समय के करीब डेढ़ घंटे बाद प्रभारी मंत्री अभिषेक मिश्रा पहुंचे। मंत्री के गेट पर पहुंचते ही बसपा के दोनों विधायकों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। बैठक शुरू होते ही विधायक अनिल वर्मा का दर्द छलक पड़ा।
उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारी मेरी बात नहीं सुनते हैं। मेरे प्रस्तावों पर काम भी नहीं किया जाता है। मैंने पिछली बैठक में कोथावां ब्लॉक की एक सड़क का प्रस्ताव दिया था अभी तक उस पर काम शुरू नहीं हुआ। अन्य काम भी नहीं कराए गए। चर्चा कुछ आगे बढ़ी तभी भाजपा सांसद अंशुल वर्मा ने कहा कि जिला योजना में उनके प्रस्तावों को शामिल नहीं किया जाता है। इस पर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद डीएम ने डीडीओ से कहलाकर पत्रकारों को बाहर कर दिया। आगे की बैठक बंद हाल में हुई।
पांच अरब 45 करोड़ 23 लाख का बजट अनुमोदित
हरदोई। जनपद के विकास कार्यों के लिए जिला योजना के प्रस्तावों को प्रभारी मंत्री ने अनुमोदित किया। व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री प्रो. अभिषेक मिश्र ने विकास भवन सभागार में जनपद के 47 विभागों की योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करने के लिए पांच अरब 45 करोड़ 23 लाख रुपये की जिला योजना के प्रस्तावों पर चर्चा की।
अनुमोदित परिव्यय में कृषि विभाग के लिए नौ लाख, गन्ना के लिए 131.57 लाख, पशुपालन के लिए 477.17 लाख, मत्स्य विभाग के लिए 6.6 लाख, दुग्ध विकास के लिए 346.98 लाख, वन विभाग के लिए 378.72 लाख, स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के लिए 1511 लाख, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम (राज्यांश) के लिए 15966.95 लाख, पंचायती राज के लिए 2033 लाख, सामुदायिक विकास (ग्राम्य विकास) के लिए 34 लाख, अतिरिक्त ऊर्जा के लिए 120.32 लाख, खादी ग्रामोद्योग के लिए 36 लाख, सड़क निर्माण (लोनिवि) के लिए 5500 लाख, विज्ञान प्रौद्योगिकी के लिए 20 लाख, पर्यटन के लिए 245 लाख, प्राथमिक शिक्षा के लिए 121.28 लाख, माध्यमिक शिक्षा के लिए 811.40 लाख, एलोपैथिक चिकित्सा के लिए 1963 लाख, होम्योपैथिक चिकित्सा के लिए 347.10 लाख, आयुर्वेदिक चिकित्सा के लिए 318,89 लाख, ग्रामीण पेयजल के लिए 2684,80 लाख, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम के लिए 4800 लाख सहित अन्य विभागों की जिला योजना अनुमोदित की गई। लघु एवं सीमांत कृषकाें को आर्थिक सहायता (निशुल्क बोरिंग) तथा निजी लघु सिंचाई के परिव्यय को भौतिक सत्यापन के उपरांत अनुमोदित करने के निर्देश प्रभारी मंत्री न दिए। बैठक में जिलाधिकारी विवेक वार्ष्णेय ने उनके निर्देशों का अनुपालन कराने की बात कही। बैठक में सांसद अंशुल वर्मा, विधायक अनिल वर्मा, राजेश्वरी देवी, बाबू खां, एमएलसी मिस्बाहुददीन, ब्लाक प्रमुख कप्तान सिंह, विवेक सिंह सहित अन्य जन प्रतिनिधि, मुख्य विकास अधिकारी टीके शिबू आदि अन्य अधिकारी मौजूद रहे।