हरदोई। भारतीय बौद्घ महासभा द्वारा धम्म विजय दशमी का आयोजन शहर स्थित डा. अंबेडकर पार्क में गुरुवार को किया गया। सम्राट अशोक की महानता को परिभाषित करते हुए बौद्ध धर्म अनुयायियों ने कहा कि उनकी महानता प्राणी मात्र के प्रति उनकी करुणा से ही पता चल जाती है। उन्होंने समाज की स्थापना व प्रचार प्रसार का दायित्व निभाया। कार्यक्रम से पहले महासभा ने शोभा यात्रा भी निकाली। त्रिशरण गमन व पंचशील पाठ के साथ भगवान बुद्ध, सम्राट अशोक व बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण भी हुआ।
अशोक धम्म विजय दशमी का पर्व भारतीय बौद्ध महासभा ने बड़े ही हर्ष पूर्वक मनाया। बौद्ध अनुयायियों ने डा. अंबेडकर विद्यालय के बच्चों के साथ शोभायात्रा शहर के कई प्रमुख मार्गों से निकाली जिसमें अशोक महान के चित्र के साथ ही बुद्धवाणी लिखी पट्टिकाएं लिए हुए बच्चों ने बुद्धं शरणम गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघम शरणं गच्छामी के नारे लगाए। अंबेडकर पार्क पहुंचने के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ महासभा के जिलाध्यक्ष अरूणेंद्र कुमार गौतम ने त्रिशरण गमन व पंचशील पाठ और भंते करूणानंद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कहा कि भारत में अकबर और विक्रमादित्य अपने राज्य का विस्तार के कारण महान हुए जबकि सम्राट अशोक की महानता उनके प्राणी मात्र के प्रति करुणा से है। प्रांतीय कोषाध्यक्ष एवी लाल ने कहा कि अशोक सम्राट ने अपने पुत्र व पुत्री को श्रीलंका भेजा और धर्म का प्रचार प्रसार कराया। श्रवण कुमार गौतम ने कहा कि बुद्ध धर्म चिरस्थायी बनाने के लिए शिलालेख, स्तंभ लेख, गुहालेख लिखवाए जो इतिहास के बोलते पत्थर हैं।
लोगाें को अपने अंदर पाखंड व अधंविश्वास को विलीन कर बुद्ध धम्म को अपनाएं। प्रेम शंकर गौतम ने कहा कि भारत को विश्व में गुरूदेश होने का सम्मान अशोक के कारण मिला। इस दौरान मनेाज कुमार गौतम, आरपी गौतम, अनिल कुमार, बीसी सत्यार्थी, सिद्धार्थ सेन, श्रीपाल, हरिश्याम गौतम, आरपी वर्मा आदि मौजूद रहे।