धर्मशाला रोड स्थित आवास पर समर्थकों के साथ डॉ. अशोक बाजपेई।
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हरदोई। लगभग चार दशक तक समाजवादी विचारधारा से जुड़े रहे सपा के संस्थापक सदस्य पूर्व मंत्री डॉ. अशोक बाजपेई को अब राष्ट्रवादी विचारधारा भाने लगी है। सपा में मुलायम सिंह यादव और खुद की उपेक्षा से आहत होकर बीते दिनों सपा और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले वरिष्ठ नेता 19 अगस्त को भगवा चोला धारण करेंगे। सपा से इस्तीफा देने के बाद पहली बार हरदोई पहुंचे डॉ. बाजपेई से मिलने के लिए समर्थकों का तांता लगा रहा। उन्होंने समर्थकों के मन की बात सुनी और फिर मीडिया से अपने मन की बात कही।
बीते दिनों सपा के साथ-साथ विधान परषिद की सदस्यता से भी इस्तीफा देने के बाद डॉ. बाजपेई के भाजपा में जाने के कयास लगाए जा रहे थे। इसी बीच रविवार देर शाम वह हरदोई पहंचे। उनके आने की जानकारी मिलने पर समर्थकों की भीड़ धर्मशाला रोड स्थित जनता कुटीर पर उमड़ पड़ी। सोमवार को भी बड़ी संख्या में समर्थक उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने समर्थकों के साथ मशविरा किया और फिर पत्रकार वार्ता की। जिसमें उन्होंने कहा कि सपा में मुलायम सिंह यादव की तरह उनकी भी उपेक्षा हो रही थी।
इसके कारण उन्होंने सपा को अलविदा कह दिया। अगले कदम के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी समर्थकों की एक राय है कि अब राष्ट्रवादी विचारधारा वाली भाजपा के साथ राजनीतिक पारी शुरू करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त को वह लखनऊ में प्रदेश कार्यालय में भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी भाजपा में शामिल होंगे। कार्यकर्ता लखनऊ के मोती महल लॉन में एकत्र होंगे। प्रेस वार्ता के दौरान अविनाश मिश्रा भी मौजूद रहे।
तो यह घर वापसी जैसा
पत्रकार वार्ता में डॉ. बाजपेई ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली जब दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यक्ष चुने गए थे तो एक सेमिनार दिल्ली में हुआ था। विद्यार्थी परिषद की तरफ से उन्होंने भी उसमें प्रतिनिधित्व किया था। वह यह कहने से नहीं चूके कि जनसंघ के बाद जब जनता पार्टी बनी तो वह जनता पार्टी के टिकट पर ही पहली बार विधायक और मंत्री बने थे। बाद में जनता पार्टी में टूट हुई तो वह मुलायम सिंह यादव के साथ चले गए। 40 वर्ष बाद घर वापसी जैसा है।
जनता कुटीर से उतर गया सपा का झंडा
धर्मशाला रोड पर स्थित डॉक्टर अशोक बाजपेई के आवास का नाम जनता कुटीर है। सपा की स्थापना के समय से ही यहां लगे फ्लैग रॉड में सपा का झंडा फहराता था। सोमवार को नजारा बदला हुआ था और सपा का झंडा उतारा जा चुका था।
छह बार विधायक रहे
डॉ. अशोक बाजपेई छह बार विधायक रहे। पहली बार 1977 में तत्कालीन पिहानी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। जनता पार्टी की सरकार में उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया था। 1980 में वह चुनाव हार गए थे। 1985 और 1989 में पिहानी से विधायक बने। 1989 में मुलायम सिंह यादव ने उन्हें अपनी कैबिनेट में जगह दी थी। 1991 के चुनाव में रामलहर के दौरान वह जमानत गंवा बैठे थे। 1993 में सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में वह चुनाव जीते थे। 1996 और 2002 में भी वह सपा के टिकट पर पिहानी से ही विधायक चुने गए। 2004 में जब मुलायम सिंह मुख्यमंत्री बने तो उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। 2007 में पिहानी विधानसभा क्षेत्र से और वर्ष 2012 में वह सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार गए थे। वर्ष 2016 में उन्हें एमएलसी बनाया गया था।