हरपालपुर। एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आई गर्भवती के साथ आईं आशा और संगिनी ने गर्भवती को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया।
इसकी गोपनीय जानकारी पर सीएचसी अधीक्षक ने अस्पताल में छापा मार दिया। दो निजी अस्पतालों में अनियमितताएं मिलने पर दोनों के संचालकों को अधीक्षक ने नोटिस जारी की है। एक सप्ताह में अभिलेखों के साथ जवाब देने को कहा गया है।
मंगलवार को ढिघासर गांव निवासी अंजली गर्भवती हैं। प्रसव पीड़ा होने पर अंजली को सरकारी एंबुलेंस से आशा और संंगिनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर में भर्ती कराने के लिए आई थीं, लेकिन उसे सीएचसी की जगह कस्बे के कटियारी नर्सिंगहोम में भर्ती करा दिया।
इसकी गोपनीय जानकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनंद पांडेय को मिली। उन्होंने कटियारी नर्सिंगहोम में छापा मारा। मौके पर ऑपरेशन थिएटर होने, महिलाओं का प्रसव कराए जाने की सूचना मिली। अस्पताल में दवाइयां मिलीं, लेकिन कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला।
यहां मौजूद बीफार्मा डिग्रीधारक पंजीकरण के कोई अभिलेख भी नहीं दिखा पाया। कई मरीज भी भर्ती मिले। इसी अस्पताल के पास में नीलकंठ पॉली क्लीनिक के नाम से अस्पताल संचालित होते मिला। यहां पर भी बड़े पैमाने में ऐलोपैथ की दवाएं मिलीं और मरीज भी भर्ती मिले। यहां आयुर्वेद के एक चिकित्सक मिले, लेकिन अस्पताल के पंजीकरण के कोई अभिलेख नहीं मिले। दोनों अस्पतालों के संचालकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है।
सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि गर्भवती को प्राइवेट अस्पताल ले जाने वाली आशा के खिलाफ कार्रवाई के लिए सांडी सीएचसी के अधीक्षक को लिखा गया है।