एक्सक्लूसिव का लोगो -
फोटो-09- नवनिर्मित ब्लड बैंक का भवन। संवाद
- डेंगू और मलेरिया के रोगियों को मिलेगी इलाज में सहूलियत
- मशीन डोनर के शरीर से जरूरी घटक लेकर वापस कर देगी रक्त
अनुपम कीर्ति भारद्वाज
हरदोई। डेंगू और मलेरिया के इलाज में सहूलियत के लिए अब मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक में एफेरेसिस मशीन (सेल सेपरेटर) लगाई जाएगी। मशीन से डोनर के शरीर से सीधे जरूरी तत्व प्लेटलेट्स व प्लाज्मा ही निकालेगी और बाकी का खून शरीर में वापस भेज देगी। ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन उक्त दोनों घटक होल ब्लड से निकालती है। एफेरेसिस मशीन में होल ब्लड की आवश्यकता ही नहीं हैं।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों को राहत देने के लिए ब्लड बैंक में भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। ब्लड बैंक को बेहतर ढंग से बनाने के साथ ही नई मशीन लाई जा रहीं हैं। इनमें से ही एक एफेरेसिस मशीन की स्थापना ब्लड बैंक में की जाएगी। डेंगू और मलेरिया के इलाज के लिए प्लेटलेट्स और झुलसे रोगियों के इलाज के लिए प्लाज्मा को होल ब्लड से अलग किया जाता है।
डोनर से होल ब्लड लेकर ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन में डाला जाता है। मशीन इन दोनों घटकों के अलावा आरबीसी भी अलग करती है बचा हुआ रक्त अनुपयोगी हो जाता है। एफेरेसिस मशीन में अब खून को डोनर के शरीर से बाहर निकाल कर थैली में नहीं भरा जाएगा। डोनर के शरीर से खून मशीन में जाएगा और वह जरूरत के अनुसार प्लेटलेट्स या फिर प्लाज्मा लेकर खून को वापस डोनर के शरीर में वापस कर देगी।
फोटो-08- लैब टेक्नीशियन अकील खां। संवाद
एक डोनर से 50 हजार प्लेटलेट्स ले सकते हैं
एफेरेसिस मशीन के माध्यम से एक स्वस्थ डोनर के शरीर से 50 हजार प्लेटलेट्स निकाल सकते हैं। ब्लड के लैब टेक्नीशियन अकील खान ने बताया कि किसी मरीज को अगर प्लेटलेट्स की आवश्यकता है तो डोनर जिसकी 3 लाख तक प्लेटलेट हैं। उनसे कम से कम 50 हजार प्लेटलेट ले सकते हैं। बताया कि इस प्रक्रिया में करीब दो घंटे का समय लगता है। एफेरेसिस मशीन के लिए डिमांड हो गई है और अब जल्द ही मशीन आ जाएगी।
ब्लड बैंक का किया जा रहा विस्तार
मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक का विस्तार किया जा रहा है। पहले जहां पर बर्न वार्ड बना हुआ था उस कक्ष की मरम्मत कर ब्लड बैंक बना दिया गया है। इसी कक्ष में एफेरेसिस मशीन लगाई जाएगी और वहीं पर रिसेप्शन काउंटर और काउंसिलिंग कक्ष भी निर्मित किया गया है। काउंसिलिंग कक्ष में लोगों को रक्त दान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बताया कि ब्लड बैंक को पहले से बेहतर और आधुनिक बनाया जा रहा है।
वर्जन
मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को सुविधाएं मिल सकें इसके लिए ब्लड बैंक की सहूलियतें भी बढ़ाई जा रहीं हैं। एफेरेसिस मशीन लगने से डेंगू व मलेरिया के इलाज में काफी सहूलियत मिलेगी।-डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज