हरदोई। सवायजपुर विधायक के भतीजे पर जानलेवा हमले, लाइसेंसी रिवॉल्वर और मोबाइल छीनने के पांच आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी जिला जज रीता कौशिक ने खारिज कर दी।
सवायजपुर निवासी अजीत प्रताप सिंह क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह के चचेरे भतीजे हैं। अजीत ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह रानी इंद्र कुंवरि विद्यालय के अध्यक्ष हैं। विद्यालय के गेट के सामने गंदगी फैलाने को लेकर वहीं रहने वाले राजेश्वर पाल और जागेश्वर पाल से विवाद हुआ था। बीते 26 अगस्त की शाम साढ़े छह बजे अजीत अपनी कार से कुलदेवी मंदिर जा रहे थे। आरोप था कि विद्यालय के सामने पहुंचते ही आरोपियों ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। कार से खींचकर सिर और शरीर पर डंडों से कई वार कर दिए। हमलावर उनकी लाइसेंसी रिवॉल्वर और मोबाइल छीनकर भाग गए। सीएचसी से उन्हें मेडिकल कॉलेज हरदोई और फिर लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था।
पुलिस ने मामले में राजेश्वर पाल, जागेश्वर पाल, अजीत पाल, मंजीत पाल और विवेक पाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इनमें से अजीत की पत्नी रजनी पाल जिला पंचायत सदस्य हैं। सभी आरोपी सपा से जुड़े हैं। बचाव पक्ष ने राजनीतिक रंजिश के कारण फंसाए जाने की बात कही। घटना से एक दिन पहले मंजीत की ओर से की गई शिकायत का हवाला भी दिया। साथ ही अजीत के नशे में नाली में गिरने से चोट लगने की बात भी कही। जिला शासकीय अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जिला जज रीता कौशिक ने पांचों आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।