संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जॉब कार्डधारकों को नियमित रोजगार दिए जाने के साथ ही मनरेगा में एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है। चालू वित्तीय वर्ष में मांग के सापेक्ष श्रमिकों को कार्य आवंटन की 19 में से 16 विकास खंडों की स्थिति कम रही है। कम प्रगति व मांग के सापेक्ष कार्य आवंटन में अंतर पर इन 16 ब्लॉकों के कार्यक्रम अधिकारियों (पीओ) सहित 32 अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है।
मनरेगा में चालू वित्तीय वर्ष में रोजगार सृजन की प्रगति में पाया गया कि अब तक 1,55,422 श्रमिकों ने रोजगार की मांग की है और उसमें से 1,55,039 श्रमिकों को कार्य आवंटन किया गया है। 383 श्रमिकों को अब तक कार्य आवंटित नहीं किया गया है। श्रमिकों को काम न दिए जाने की शासन स्तर पर नियमित समीक्षा भी की जा रही है।
श्रम रोजगार उपायुक्त आरपी सिंह ने बताया कि विकास खंड भरावन, माधौगंज, सांडी, बिलग्राम, हरियावां, बेहंदर, हरपालपुर, बावन, शाहाबाद, टड़ियावां, कछौना, कोथावां, संडीला, सुरसा, भरखनी और अहिरोरी के कार्यक्रम अधिकारी व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
बताया कि इन विकास खंडों में मांग और कार्य आवंटन में अंतर मिला है। सभी से तीन दिन के अंदर जवाब मांगा मांगा है। जवाब न आने या संतोषजनक न होने पर वेतन-मानदेय भुगतान रोकने की चेतावनी दी गई है।
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तीन ब्लॉकों में मांग के सापेक्ष दिया गया रोजगार
मनरेगा में मांग के सापेक्ष विकास खंड मल्लावां, पिहानी और टोडरपुर में शत-प्रतिशत कार्य आवंटन व रोजगार दिया गया है। इसमें मल्लावां में 3,858, पिहानी में 9,697 और टोडरपर में 7,750 श्रमिकों को मांग पर कार्य आवंटन किया गया है।