हरदोई। गांवों में विकास कार्यों के साथ ही ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए बनवाए जा रहे रिकवरी रिर्सोस सेंटर (आरआरसी) अधूरा होने और गांवों में कूड़ा कलेक्शन न कराए जाने पर डीपीआरओ ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने बीडीओ और सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) को काम पूरा कराने और गांवों में इसे शत-प्रतिशत प्रभावी बनाए जाने की जिम्मेदारी भी सौंपी है। उन्होंने पंचायत सचिवों को नोटिस जारी जवाब-तलब किया है।
गांवों में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन और घर-घर कूड़ा कलेक्शन का काम कराया जाना है। जिसके राजस्व गांवों में आरआरसी बनवाए जा रहे हैं। आरआरसी पूरे न होने की खबर को मंगलवार के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर का संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ ने पंचायत सचिवों से जवाब-तलब किया है। संबंधित विकास खंडों के बीडीओ और एडीओ पंचायत को आरआरसी निर्माण की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।
डीपीआरओ ने बताया कि अधूरे आरआरसी पर नोटिस जारी किए गए हैं। बीडीओ की ओर से भी पंचायत सचिवों से जवाब मांगे गए हैं। वहीं 93 गांवों के खातों में डंप 4,54,36,817 रुपये के खर्च की भी समीक्षा की जा रही है।