बरसोइया। बावन ब्लाक के बरसोइया गांव में फैले विचित्र बुखार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। रविवार की रात बुखार से पीड़ित एक और युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं कई मरीज आसपास के जनपदों में इलाज करा रहे हैं। ग्रामीणोें की मानें छह मरीजों की हालत गंभीर है। इधर, जिला पंचायत की ओर से आसपास के गांवों से 9 सदस्यों की सफाई टीम बरसोइया पहुंची और विशेष सफाई अभियान शुरू किया। सीएमओ डा. रामगोपाल ने बताया कि मरीजों को दवा वितरित की जा रही है। गांव में सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त कराया जा रहा है।
गांव निवासी रामसनेही यादव के पुत्र विमलेश (25) को बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे फर्रुखाबाद स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। वहां रविवार की रात उसकी मौत हो गई। इसकेे अलावा गांव के रीतू सिंह(39) को बुखार के साथ नाक से खून आना शुरूहो गया। उसका घर पर ही इलाज हो रहा है। इधर, आंगनबाड़ी कार्यकत्री हंसमुखी, रसोइया रामा, नैनी, अंनगपाल सिंह, भोलू(20) की हालत गंभीर होने पर उनका अलग-अलग अस्पतालों मेें इलाज चल रहा है। इधर, स्वास्थ्य टीम में डा. रागिनी, जया श्रीवास्तव, बृजेंद्र सिंह, उमेश कुमार आदि मरीजों के इलाज में जुटे हैं। फिलहाल गांव मेें
बुखार से मरने वालों की संख्या 10 पर पहुंच गई है।
गौरतलब है कि बरसोइया गांव में करीब एक माह से फैले बुखार से ग्रामीण परेशान हैं। अमर उजाला ने गांव के हालात की खबर प्रकाशित की तो अफसरों ने टीम भेजकर दवाएं वितरित कराई। बावजूद इसके बीमारी पर अंकुश नहीं लग रहा है। चिकित्साधिकारी बावन डा. विनीत तिवारी ने गांव में गंदगी के चलते बीमारी फैलने की रिपोर्ट अफसरों को भेजी। जिस पर चेते जिला पंचायतराज अधिकारी ने 26 से 30 अक्तूबर तक गांव में विशेष सफाई अभियान चलाने के लिए 9 सदस्यीय सफाई कर्मियों की टीम गांव भेजी। टीम ने गांव की गलियोें से लेकर सड़क पर सफाई के साथ चोक नालियों को खुलवाकर दवा का छिड़काव शुरू करा दिया है।