राज्य वित्त, तेरहवां वित्त एवं मनरेगा से ग्राम
प्रधान द्वारा 75 लाख रुपये से ज्यादा की राशि का हेरफेर करने का आरोप
लगाकर ग्राम पंचायत नेकपुर हातिमपुर, बिलग्राम के ग्रामीणों ने सोमवार को
कलक्ट्रेट में धरना दिया तथा जांच कराकर दोषी प्रधान व अन्य जिम्मेदारों पर
कार्रवाई कराने की मांग की।
कलक्ट्रेट में शंभू प्रसाद, राम चेला व
सर्वेश आदि ने धरना प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने राज्य
वित्त एवं तेरहवां वित्त द्वारा एक जनवरी 11 से 31 मार्च तक हैंडपंप
मरम्मत में 38 हजार 400, लाइट क्रय में 2,14,500, शौचालय मरम्मत में
39,000, शौचालय इंटरलाकिंग 44,520, नेकपुर प्राइमरी स्कूल में शौचालय
मरम्मत में 12,000, शौचालय टंकी में 17,000, बाल पेंटिंग में 35,696,
हैंडपंप में 40,250, ठेलिया मरम्मत में 7,000, सीए को भुगतान 12,000,
मसूदपुर शौचालय मरम्मत में 26,500, पाइप 18,405, स्टेशनरी के नाम पर 2,565
रुपये निकाले।
ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद ग्राम पंचायत में कहीं
कार्य नहीं कराया गया और शौचालय का निर्माण कार्य नहीं किया गया। न तो
हैंडपंप की मरम्मत ही हुई है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खड़ंजा
और नाली के नाम पर पुरानी ईंटों को उखाड़कर र्नई इंटों के रूप में दर्शाकर
राज्य वित्त एवं तेरहवां वित्त से कार्यों को दिखाकर लगभग 22 लाख 73 हजार
रुपये की धनराशि निकाल ली है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 13-14 में
चार इंदिरा आवास हासिल करने वाले दो पात्रों का सर्वे करा कर प्रति आवास की
दर से 20 हजार रुपये न देने के कारण दूसरों को बेच दिए। ग्रामीणों ने इस
दौरान डीएम रमेश मिश्र को ज्ञापन भी दिया तथा जांच कराकर प्रधान के खिलाफ
कार्रवाई कराने की मांग की है। इस मौके पर दृगपाल, सियाराम, कैलाश, राम
विलास, बिहारी, सर्वेश कुमार आदि मौजूद थे।