हरदोई। दिवाली पर इस बार कानफोडू़ चटाई नहीं बल्कि म्यूजिकल वार नाम की सीटी बजाने वाली चटाई का आनंद लीजिए। 39 सेकेंड तक चलने वाली फुलझड़ी और डांसिंग अनार भी धूम मचाएंगे। पटाखा प्रेमियों को रिझाने के लिए सीएसएन कॉलेज परिसर सज चुका है। यहां शनिवार को पटाखों की बिक्री जोरों पर रही।
मोहल्ला वैटगंज निवासी अधिकृत विक्रेता सुमित कुमार गुप्ता सोनू, अमित कुमार गुप्ता संजू ने बताया कि तमिलनाडु से पटाखों के ब्रांड ने इस जिले में काफी हद तक पहुंच बनाई है। पटाखों में इस बार नयापन है, जो लोगों को लुभाएगा। डांसिंग अनार की डिमांड खूब हो रही है, जो जमीन पर सात से आठ चरखियां निकालेगा। म्यूजिकल वार के नाम से चटाई सीटी आई है जो कानों को भड़ाम की आवाज नहीं बल्कि सीटियां सुनाएगी। 39 सेकेंड चलने वाली फुलझड़ी बच्चों व महिलाओं को लुभाएगी। यह अलग-अलग रंगों में जलेगी।
यही नहीं हाईफाई नाम की आतिशबाजी भी खूब धूम मचाएगी, जो आसमान में गुच्छों के रूप में अलग-अलग रंगों में बंटकर लोगों को लुभाएगी। इसके अलावा 15 हजार चटाई, अनार, चर्खी, राकेट बम आदि पटाखों की धूम रहेगी। सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार ने सभी जिलेवासियों को सुरक्षित व उत्साह से भरपूर दिवाली मनाने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर इस बार रात आठ से 10 बजे तक ही पटाखे चला सकेंगे।
सुरक्षित दुकानें लगाएं, देशी आइटमोें से बनाएं दूरी
सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार, सीओ सिटी विजय राना ने शनिवार को सीएसएन कालेज का निरीक्षण किया। उन्होंने दुकानदारों से बिना लाइसेंस बने देशी पटाखों से दूर रहने की सलाह दी। इस स्थान पर बीड़ी, सिगरेट पूरी तरह से बंद रखने के कड़े निर्देश दिए। ब्यूरो
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पांच करोड़ से ज्यादा के बिकते पटाखे
शहर के सीएसएन कालेज में 100 से अधिक दुकानें लगती हैं। इसके अलावा शाहाबाद, पिहानी, सांडी, संडीला, बिलग्राम, माधौगंज व मल्लावां क्षेत्र में भी बाजारें पटाखों से सजती हैं। लगभग पांच करोड़ से अधिक पटाखों की बिक्री हो जाती है। ब्यूरो
खूब बिकते देशी पटाखा
दिवाली पर देशी पटाखा बाजार भी खूब चमकता है। शहर ही नहीं गोपामऊ, पिहानी व शाहाबाद सहित कई क्षेत्रों में लाइसेंस लेकर पटाखे तैयार किए जाते हैं, जिनमें सिंघाड़ा व अनार प्रमुख हैं। ये बिकते भी बहुत हैं। अधिकृत विक्रेताओं का मानना है कि देशी पटाखा बाजार में 50 लाख से ज्यादा का व्यवसाय भी हो जाता है। ब्यूरो
फिजा में न घोलें जहर
विज्ञान विशेषज्ञ लखनऊ रोड निवासी नवनीत सिंह राठौर का कहना है कि हवा में हानिकारक कार्बन, सल्फर डाइआक्साइड, कार्बन मोनो डाइक्साइड, सस्पेंडेंट पार्टिकुलेट मैटर जैसे तत्व फैल जाते हैं। इसके अलावा हानिकारक गैसें भी निकलती हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। इसलिए पटाखों का उपयोग जितना कम हो उतना अच्छा है।
धमाके कम कर देते मानसिक क्षमता
डॉ. सीपी कटियार, डॉ. अजय सिंह का कहना है कि तेज पटाखों से घबराहट होती है। चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। नींद में कमी आने लगती है। ब्लड प्रेशर की शिकायत भी रहने लगती है। मानसिक क्षमता में कमी के साथ-साथ बहरेपन की संभावना बढ़ जाती है। धुएं से सबसे ज्यादा दमा के मरीजों को प्रभाव पड़ता है। इससे अल्सर आदि बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।