संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल काॅलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल के हड्डी वार्ड में शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। महिला के हाथ का ऑपरेशन करने के लिए चिकित्सक ने 10 हजार ऑपरेशन व पांच हजार की दवाइयां मंगवाने का आरोप लगा है। महिला का आरोप है कि अस्पताल से छुट्टी होने पर हिसाब करने को कहा तो चिकित्सक खफा हो गए।
मामले को बढ़ता देख चिकित्सक ने दो हजार रुपये वापस कर दिए। महिला का कहना है कि उसने अपने जेवर गिरवी रखकर और फसल बेचकर चिकित्सक को ऑपरेशन के लिए रुपये लाकर दिए थे।
बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के हास बरौली गांव निवासी सरोजनी (46) जिला अस्पताल के हड्डी वार्ड में बेड नंबर 12 पर भर्ती है। सरोजनी का पति राम दयाल निशक्त है। बीती पांच अक्तूबर को गांव में मारपीट हो गई थी। इस दौरान सरोजनी का हाथ टूट गया था। इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल आईं थीं। यहां इमरजेंसी वार्ड में उसे भर्ती कर लिया गया।
हड्डी विभाग के डाॅ. जितेश अरोड़ा की देखरेख में ऑपरेशन किया गया। महिला का आरोप है कि ऑपरेशन करने के पहले 10 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बाद दवा लाने के लिए पांच हजार रुपये लिए गए। एक्सरे भी बाहर से कराया गया। ऑपरेशन के लिए उसने खेत में खड़ी मक्का की फसल बेच दी और जेवर भी गिरवी रख दिए।
शनिवार को जब उसकी अस्पताल से छुट्टी हुई, तो उसने डाॅक्टर से हिसाब कर रुपये वापस मांगे। इस पर डाॅक्टर खफा हो गए। बाद में एक कर्मचारी के माध्यम से दो हजार रुपये वापस करा दिए गए। मरीज ने पूरे मामले की शिकायत सीएमएस से की है। वहीं इस संबंध में आर्थों के डॉक्टर जितेश अरोड़ा से बात की गई, लेकिन उन्होंने टाल दिया।
वर्जन
ऑपरेशन के नाम पर रुपये जमा कराने व बाहर से दवा सामग्री मंगाने का मामला संज्ञान में आया है, लेकिन कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायती मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
डाॅ. जेके वर्मा
सीएमएस