हरदोई/बिलग्राम/हरपालपुर/सांडी। गंगा और गर्रा नदी के पानी की बाढ़ से तहसील बिलग्राम के 44 गांव प्रभावित हैं। इनमें से नौ गांवों की आबादी और सभी 44 गांवों के कृषि कार्य प्रभावित हुए। बृहस्पतिवार को गंगा के पानी के विकराल रूप के चलते मल्लावां के कुतुआपुर, माहिमपुर और मगरहा से आगे बढ़ने से कालहामऊ, फत्तेपुर गौरा क्षेत्र में भी फसलों तक पानी पहुंच गया है। कोला गांव जाने वाले संपर्क मार्ग के कट जाने से तीन दिन करीब 1,200 लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं सांडी और हरपालपुर के 27 विद्यालय बंद किए गए।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से बिलग्राम क्षेत्र में गंगा और गर्रा के पानी की बढ़ोतरी से जरौली नेवादा, रामपुर मझियारा घाटों पर भी फैलाव होने लगा है। इससे रामपुर, धरमपुर, सड़ियापुर समेत क्षेत्र के गांवों के किनारे पानी पहुंच गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी बढ़ने की वजह से छुटपुट काम धंधा बंद हो चुका है। बाढ़ पीड़ितों के समक्ष जनजीवन पालन पोषण भारी पड़ रहा है। सांडी क्षेत्र के चुन्नी पुरवा के सभी 40 परिवार राहत शिविर में हैं और एक दो लोग गांवों में रुककर सामान की निगरानी कर रहे हैं। सर्वे में 1,043 हेक्टेयर की फसल बाढ़ से प्रभावित है। बिलग्राम एसडीएम एन राम ने बताया कि राहत के लिए शिविर में रह रहे लोगों के लिए पका भोजन और क्षेत्र में राहत किट के माध्यम से सहायता पहुंचाई जा रही है।
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नावों पर यात्रा, सूखी लकड़ी लाना समस्या, शिक्षा व्यवस्था भी चौपट
राजघाट के आसपास पानी का फैलाव बढ़ने से कटरी के लगभग 23 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। मदारी पुरवा, नोखे पुरवा, जरेला, पुन्ना पुरवा, सोनारी पुरवा, बुड्ढन पुरवा, सांडी क्षेत्र के चुन्नी पुरवा, अक्वेलपुर मलवा में आबादी में पानी पहुंच रहा है। गांवों के संपर्क मार्ग पानी से डूब गए हैं। बढ़ा हुआ पानी आबादी को मुसीबत में डाल रहा है। नावों पर यात्रा करने की मजबूरी है। सूखी लकड़ी लाना एक समस्या है। शिक्षा व्यवस्था भी चौपट हो चुकी है।
सांडी के चौधरियापुर मार्ग से कोला संपर्क मार्ग कुंदरौली गांव के पास कट जाने से गांव के आसपास के गांवों और सांडी कस्बे से संपर्क कट गया है। पड़ोस से निकले नाले में बरसात के पानी के तेज बहाव से तीन दिन पूर्व संपर्क मार्ग कट जाने से कोला गांव के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्कूली बच्चों को भी स्कूल जाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। इसके पहले भी यह मार्ग 31 जुलाई व छह अगस्त को कट चुका है। तब नहर विभाग ने तुरंत मिट्टी डालकर इसकी मरम्मत कराई थी। पिछले तीन दिनों से 1,200 की आबादी को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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नदियों के जलस्तर पर एक नजर
जिले में प्रवाहित नदियों में गंगा का पानी बृहस्पतिवार को फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर खतरे के निशान 137.15 मीटर गेज पर पहुंच गया है। वहीं राजघाट पर 125.98 मीटर गेज पर पानी है। यह खतरे के निशान 125.81 मीटर गेज से ऊपर है। वहीं रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 137.05 मीटर गेज पर पहुंच गया है। वहीं गर्रा नदी का पानी चेतावनी बिंदु 129.15 मीटर गेज से 1.22 मीटर ऊपर 130.37 मीटर पर पहुंच गया है। नरौरा बैराज से गंगा नदी में 1,05,633 क्यूसेक पानी और गर्रा नदी में नानक सागर बैराज से 1,034 क्यूसेक और 7,793 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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गर्रा का पानी शाहाबाद क्षेत्र में गांवों के किनारे आया
शाहाबाद क्षेत्र में गर्रा में पानी बढ़ रहा है। जलस्तर और बढ़ा तो पानी आबादी तक पहुंच जाएगा। नसीरपुर, बेहटा, कोला पुरवा, पिपरिया, परियल, उमरिया, धनी, उमरिया, कैथानी, किलकिली, नेबादा, सुहागपुर, सिगुलापुर आदि गांवों के आसपास पानी पहुंच गया है। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है लेकिन प्रशासन ने अभी तक राहत और बचाव की कोई व्यवस्था नहीं की। क्षेत्रीय लेखपाल गर्रा नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रख रहे हैं। सुखेता नदी में जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से लगभग एक दर्जन गांव प्रभावित हैं। लोगों काे आवागमन में परेशानी हो रही है। मिठनापुर पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। अधीक्षक डॉ. प्रवीण दीक्षित ने शर्मा गांव में शिविर लगाकर आवश्यक दवाओं का वितरण किया।