अग्निकांड में बचा सामान लेकर बच्चों के साथ खेत में बैठा पीड़ित परिवार।
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गोपामऊ। वोट पड़ने के पहले तक नेता हर सुख दुख में साथ देने का वादा कर रहे थे लेकिन अब कचनारी गांव के अग्निकांड पीड़ितों की मदद को कोई आगे नहीं आया है। पड़ोसियों ने एक दिन का खाना तो दे दिया लेकिन सर्द रातों में बच्चों के साथ पीड़ित खुले आसमान के नीचे रातें बिता रहे हैं। गांव का प्रधान भी हाल लेने नहीं पहुंचा। कानूनगो ने रिपोर्ट बनाकर तहसील में दे दी है लेकिन मदद कब तक मिलेगी ये नहीं बता पाए।
टडियावां थाना क्षेत्र के कचनारी गांव में शनिवार को आग लगने से 12 से अधिक घरों में आग लग गई थी। इससे राशन, कपड़ों के साथ अन्य सामान भी जल गया। मतदान से पहले तो मदद के लिए नेता घूम रहे थे लेकिन अब कोई नजर नहीं आ रहा है। अगिभनकांड पीड़ित परिवारों का हाल जानने न ही गांव का प्रधान गया और न ही कोई नेता ही पहुंचा।
एक सप्ताह पहले तक सपा, भाजपा और बसपा सहित अन्य दलों के नेता वोट के लिए इन्हीं ग्रामीणों से हर सुख दुख में साथ खडे़ होने का दावा कर रहे थे। आग लगने से खाने तक के लाले पड़ गए। सर्वेश, पुतई और सुशील ने बताया कि घर में कुछ नहीं बचा। न पहनने को दूसरे कपड़े हैं और न ही खाने को अनाज। गांव के कुछ लोगों ने शाम को खाना दे दिया था।
ठंड होने के बावजूद रात खुले आसमान के नीचे बिताई। पीड़ितों ने कहा पिछले सप्ताह तक वोट मांगने आने वाला हर नेता मदद की दुहाई दे रहा था अब विपत्ति आई है तो न नेता दिखाई दे रहे हैं, न ही अधिकारी। गांव का प्रधान भी हाल लेने नहीं आया है। कानूनगो नत्थू लाल गांव आए थे। उन्होंने हम लोगों से पूछताछ की और लिखा पढ़ी कर चले गए। कानूनगो ने बताया कि रिपोर्ट बनाकर तहसील में दी जाएगी। उसके बाद पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सरकारी मदद दिलाई जाएगी। मदद कब तक मिलेगी, इस बारे में कानूनगो कुछ नहीं बता सके।