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Hardoi News: नवजात की मौत के बाद रातों रात सिमट गया अस्पताल

Thu, 23 Jan 2025 10:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
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बृहस्पतिवार को हट गया अस्पताल का बोर्ड।   - फोटो : बृहस्पतिवार को हट गया अस्पताल का बोर्ड।
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फोटो-41-मंगलवार तक बरगद तिराहा के पास कुछ यूं लगा था अस्पताल का बोर्ड। संवाद
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फोटो-42-बृहस्पतिवार को हट गया अस्पताल का बोर्ड। संवाद
फोटो-43-जहां अस्पताल संचालित था वहां पसरा सन्नाटा। संवाद
फोटो-44-अस्पताल में जांच करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। स्रोत विभाग
- पाली कस्बे का मामला, हिंद हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान नवजात की हो गई थी मौत
- नवजात का शव नदी किनारे कर दिया था दफन, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मारा छापा
संवाद न्यूज एजेंसी

पाली। नगर के हिंद हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। अस्पताल कर्मियों ने शव गर्रा नदी के किनारे दफना दिया और परिजनों से मिलकर मामला दबा दिया। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को जानकारी मिली, तो टीम मौके पर पहुंच गई। मौके पर कोई चिकित्सक नहीं मिला। इसके बाद रातों रात पूरा अस्पताल ही संचालक समेट ले गए।
पाली थाना क्षेत्र के कछेलिया गांव निवासी जयदीप की पत्नी शिखा को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई थी। परिजन उसे लेकर पाली पीएचसी गए थे। यहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, लेकिन एक आशा एक आशा उसे बरगद तिराहा पर संचालित न्यू हिंद हॉस्पिटल लेकर पहुंच गई। यहां प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई।
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अस्पताल कर्मियों ने गर्रा नदी के किनारे शव को दफन कर दिया। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में डाक्टर की जगह दाई से प्रसव कराया गया था। जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार रात अस्पताल में छापा डाला। मौके पर कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। दो कर्मचारी मौजूद मिले जो अस्पताल के कोई अभिलेख नहीं दिखा पाए। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह पूरा अस्पताल ही गायब हो गया। जिस परिसर में अस्पताल संचालित था वहां से बेड से लेकर बोर्ड तक सब कुछ हट गया।
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इनसेट
12 जुलाई 2024 को सीज हुआ था हॉस्पिटल
बीते वर्ष 12 जुलाई को हिंद हॉस्पिटल को सीज किया गया था। दरअसल यहां भरखनी निवासी एक महिला को प्रसव के दौरान एचआईवी पीड़ित बताकर साठ हजार रुपये ठगे गए थे। 23 जुलाई को अस्पताल के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पांच अगस्त को आरोपी को जेल भेजा गया था। सितंबर में अस्पताल फिर खुल गया था और तब से लगातार संचालित हो रहा था। इसके अलावा 12 नवंबर को यहां पचदेवरा निवासी एक शख्स का हाइड्रोसील का ऑपरेशन हुआ था। गलत ऑपरेशन के कारण गुप्तांग सड़ने लगा था। इस शिकायत पर भी कोई कार्रवाई अस्पताल संचालक के खिलाफ नहीं हुई थी।
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