जिले के नोडल अधिकारी/प्रमुख सचिव खाद्य एवं औषधि
प्रशासन हेमंत राव के भ्रमण के चार दिन बाद ही जनता की उम्मीदों पर पानी
फिर गया। कटरा-बिल्हौर हाईवे स्थित सीएचसी में प्रमुख सचिव के निरीक्षण के
चलते स्वास्थ्य विभाग काफी चौकन्ना था।
सफाई व्यवस्था से लेकर वार्डों में
लगभग एक दर्जन मरीज भर्ती थे, पर अब अस्पताल के हालात पूर्व की तरह हो गए
हैं। सोमवार कोे अमर उजाला द्वारा अस्पताल में सुविधाओं का जायजा लिया
गया तो खामियां मिली। सीएमओ ने यहां संबद्ध किए हरपालपुर सीएचसी के अधीक्षक
स्वामी दयाल सहित दो अन्य कर्मियों को हटा दिया।
इमरजेंसी में सिमरिया के
जयराम (65) व गौरखेड़ा की रामवती (45) भर्ती थे, वहीं अन्य वार्डों में एक
मरीज नहीं मिला। डा. आनंद पांडे मरीजों को देख रहे थे। दवाओं का वितरण
खिड़की से हो रहा था। इस दौरान इलाज कराने आए दीपक मिश्र, बच्चू लाल, अजीत,
आकाश, उमा मौजूद थे।
सफाई के लिए रखा गया कर्मचारी यहां से विभाग ने हटा
दिया, वहीं वाटर कूलर आपरेशन में प्रयुक्त कीमती उपकरण, लाइटें भंडारण कक्ष
में जमीन में पड़ी धूल खा रही हैं। तकियों को चूहों ने काट डाला है।
दवा लेने आए सिमरिया के राजपाल, पांडेपुर की निधि ने बताया कि यहां भर्ती न
होने से काफी दिक्कतें हैं।
टीकाकरण न होने तथा कुत्ते काटने का इंजेक्शन
भी यहां नहीं है। महिला डॉक्टर के हरपालपुर चले जाने से गर्भवती महिलाओं को
प्रसव की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
उधर, एसडीएम अविनाश कुमार द्वारा
यहां स्टाफ की तैनाती व एंबुलेंस की मांग को पत्र लिखने के बाद स्वास्थ्य
विभाग मौन है, वहीं प्रमुख सचिव के निरीक्षण के बाद भी अस्पताल में मरीजों
को कोई सुविधा न मिलने से मायूसी है।