हरदोई। डेढ़ साल बाद फिर सांडी क्षेत्र में तेंदुए ने आतंक फैला दिया है। इस बार आबादी में एक, दो नहीं बल्कि कई तेंदुए घुस आए हैं। इसके कारण इलाके के कई गांवों में दहशत का माहौल है। भय के चलते लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया।
वहीं, वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच कर तेंदुए को आबादी से दूर करने के प्रयास शुरू कर दिए गए है। ग्राामीणों की ओर से वायरल किए गए वीडियो में एक दो नहीं बल्कि कई तेंदुए दिख रहे हैं। इसके चलते ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया है। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम रात होने के चलते तेंदुए को आबादी से बाहर करने में नाकाम रही है।
टीम सदस्यों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि लोग घरों में रहें। यहां तक तेंदुए के हमले से जब 12 लोगों के घायल होने की सूचना मिली तो डीएफओ शशिकांत अमरेश ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। वहीं, विभाग की कई टीमों को लगा दिया गया है ,जो तेंदुए को आबादी से दूर करने व सर्च अभियान शुरू कर दिया है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए टीम ने चारों तरफ से अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया है, लेकिन रात होने के कारण तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका है। हालांकि इससे पहले भी लोगों में चर्चा है की डेढ़ साल पहले सांडी कस्बा में तेंदुएं ने कई दिनों तक आतंक फैलाया था। यहां तक कस्बा में एक कमरे में घुसा था। कई लोग घायल हो गए थे, लेकिन वन विभाग की पकड़ में नहीं आया था।
क्षेत्रीय वन अधिकारी शिव प्रकाश पुरी ने बताया तेंदुआ की तलाश में टीमें बराबर लगी हुई हैं। रात होने की वजह से तेंदुआ कहीं छिप गया है। उन्होंने बताया तेंदुआ पेड़ पर भी चढ़ जाता है।
क्षेत्रीय वन अधिकारी शिव प्रकाश कुरील ने बताया कि तेंदुआ अक्सर लोगों पर इतनी जल्दी हमला नहीं करता है। जब वह अपने आप को लोगों के बीच घिरा हुआ देखता है ,उस उसके बाद ही हमला करता है। इसके अलावा दिन में तेंदुआ हमला कर सकता है, लेकिन रात में वह हमला नहीं करता है। या फिर भूखा होने के कारण हमला कर सकता है।
डीएफओ ने मुरौली कठेरिया ने गांव के लोगों को बताया है कि कोई भी व्यक्ति गांव के बाहर अकेले ना निकले, जब भी निकले तो एक टोली के साथ और साथ में रोशनी लेकर निकले ताकि वह अपने आपको बचा सकेंगे ,और तेंदुआ भी उनसे दूर रहेगा।