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प्रशासन के सख्त तेवर देख 24 घंटे बाद टंकी से उतरा परिवार

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फोटो- 40- अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह का गांव छोलीबेरिया में स्थित मकान। अमर उजाला - फोटो : HARDOI
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लखनऊ जिले के काकोरी में जॉगर्स पार्क के पीछे स्थित पानी की टंकी पर शुक्रवार को परिवार सहित चढ़ा अधिवक्ता शनिवार दोपहर करीब एक बजे टंकी से नीचे उतर आया। हरदोई के पुलिस व प्रशासनिक अफसर पूरे परिवार को लेकर सीएचसी संडीला पहुंचे, जहां मेडिकल कराने के बाद सभी लोगों को चाय-नाश्ता भी कराया गया।
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सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम छोलीबेरिया निवासी अधिवक्ता विजयप्रताप सिंह, पत्नी राधा सिंह समेत सात परिजनों के साथ गत दिवस काकोरी में पानी की टंकी पर चढ़ गए थे।
शनिवार की दोपहर जब पुलिस ने सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली तो अधिवक्ता बातचीत के लिए तैयार हो गए। इसके बाद पूरे परिवार सहित नीचे उतर आया।
डीएम पुलकित खरे, एसपी आलोक प्रियदर्शी और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पीके मिश्रा ने कहा कि जो भी मांगें नियमानुसार पूरी की जा सकती हैं, उन्हें यथासंभव पूरा कराया जाएगा। विजय प्रताप सिंह का कहना है कि उनके क्षतिग्रस्त घर में कफन फेंक कर कहा गया कि तीन दिन में पूरे परिवार की हत्या कर देंगे।
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इससे पहले भाई विवेक सिंह के अपहरण के मामले में कार्रवाई न होने और फाइनल रिपोर्ट लगाने को लेकर भी विजय प्रताप ने नाराजगी जताई थी। पूरे घटनाक्रम के दौरान रात भर एसपी आलोक प्रियदर्शी मौके पर मौजूद रहे। हालात देखते हुए बड़ी संख्या में यूपी-100 के वाहन के अलावा कासिमपुर, संडीला, अतरौली और कछौना कोतवाली की पुलिस भी मौके पर बुला ली गई थी।
पूरे घटनाक्रम के दौरान संडीला और काकोरी में मीडिया ने डीएम और एसपी से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों ने दूरी बनाए रखी। बाद में संडीला में एएसपी पूर्वी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने पूरा घटनाक्रम बताया।
अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह ने छह अक्तूबर 2018 को बार एसोसिएशन की सदस्यता ली थी। इसके बाद से वह यहां प्रैक्टिस भी कर रहे हैं। कुछ सीनियर अधिवक्ताओं के साथ भी जूनियर के तौर पर विजय काम कर चुके हैं।
पुलिस का कहना है कि पूरा परिवार तीन बोतल केरोसिन लेकर पानी की टंकी पर चढ़ा था। परिजनों के पास से बैग मिला है, जिसमें खाने-पीने का सामान और कई जोड़ी कपड़े हैं। रस्सी, तिरपाल और हाथ का पंखा भी मिला। डेढ़ बोतल केरोसिन विजय ने अपने ऊपर छिड़क लिया था और डेढ़ लीटर केरोसिन उनके पास से मिला है। इससे इतर घर में फेंका गया कफन भी इन लोगों से बरामद हुआ।
मामले का पटाक्षेप करने में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पीके मिश्रा ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह विजय प्रताप ने फोन करके उनसे पूरी घटना बताई।
इसी दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी उनसे संपर्क किया। इस पर वह मौके पर गए और समझाया। उन्होंने बताया कि जो आश्वासन पत्र दिया गया है उस पर भी उनके हस्ताक्षर हैं। हालांकि अध्यक्ष का कहना है कि अधिवक्ता देश का जिम्मेदार नागरिक होता है। उससे इस तरह के कृत्य की उम्मीद नहीं की जाती। अगर अधिवक्ता को कोई समस्या थी तो बार के माध्यम से बताना चाहिए था।
लगभग छह माह पहले 15 मार्च 2019 को भी सुरसा थाना क्षेत्र का छोली बेरिया गांव चर्चा में आया था। 15 मार्च को इस गांव के परमेश्वर अपनी पत्नी पार्वती और तीन बेटों के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गया था।
जब प्रशासन नीचे उतारने की मशक्कत कर रहा था तो वह एक अधिवक्ता के माध्यम से बातचीत करने को कह रहा था। साथ ही मोबाइल पर भी अधिवक्ता के साथ संपर्क में था। हालांकि तब समाजसेवी धनंजय मिश्रा के अनुरोध पर वह परिवार नीचे उतरा था।
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