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बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन तैयार

Wed, 20 Jul 2016 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
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बाढ़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरदोई। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन तैयार है। अधिकारियों को जिम्मेदारी देने के साथ 41 बाढ़ चौकियां भी तय कर दी गई हैं। बोट और मोटरबोट की व्यवस्था के निर्देश दिए जा चुके हैं। तहसील, ब्लाक के अधिकारियों के साथ पूर्ति व स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी भी निर्धारित हो गई है।
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हरदोई जिला बाढ़ को लेकर संवेदनशील है। इसमें सवायजपुर और बिलग्राम तहसील क्षेत्र अतिसंवेदनशील माने जाते हैं। वर्ष 2011 में ये क्षेत्र भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए थे। तत्कालीन सरकार के मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने हेलीकाप्टर से हालात का जायजा लिया था। इस साल फिर अच्छी बारिश के आसार हैं। दो दिन पहले पहाड़ों पर भीषण बारिश की चेतावनी भी दी जा चुकी है। पिछले दिनों नरौरा बांध से पानी छोडे़ जाने से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है।

किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। इस सिलसिले में बुधवार को लखनऊ में बैठक भी होनी है। बाढ़ से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने जो खाका तैयार किया है उसके अनुसार सभी पांच तहसीलों में 41 बाढ़ चौकियां बनाई जाएंगी। इनकी निगरानी की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार, संबंधित ब्लॉक के बीडीओ, एडीओ और कानूनगो की होगी। विकास और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी लगाए जाएंगे।
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बाढ़ पीड़ितों के लिए चना, गुड़, आटा, नमक, मोमबत्ती, माचिस और केरोसिन की व्यवस्था प्रशासन कराएगा। बाढ़ पीड़ितों के लिए दवाएं स्वास्थ्य विभाग और पशुओं के लिए चारा पशु चिकित्साधिकारी उपलब्ध कराएंगे। निजी और ग्राम सभाओं की 278 बोट लगाई जाएंगी। बिलग्राम में एक मोटरबोट भी लगेगी। बोट दुरुस्त कराने के निर्देश डीएम ने अधिकारियों को दे दिए हैं। पूर्ति विभाग को बाढ़ कैंप के करीबी राशन दुकानों पर 500 लीटर केरोसिन भी रिजर्व रखने को कहा गया है।

सैन्य अफसरों के साथ हो चुकी है बैठक
जिला प्रशासन की सेना के अधिकारियों के साथ दो बार बैठक हो चुकी है। सैन्य अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर जायजा भी लिया था। जरूरत पड़ने पर पीएसी और सेना भी लगाई जाएगी।

कटरी परसौला के सरकारी स्कूल बंद
बिलग्राम। गंगा में पानी बढ़ने के साथ कटान भी तेज हो गया है। कटरी परसौला गांव में गंगा प्राथमिक विद्यालय के करीब तक पहुंच गई हैं। नदी और स्कूल के बीच कुछ फीट की दूरी बची है। इस गांव का जूनियर स्कूल भवन पिछली बाढ़ में बह गया था, तब से जूनियर स्कूल प्राथमिक स्कूल के भवन में चलता है। अब प्राथमिक स्कूल भी कटान की चपेट में है। अगर ऐसे ही कटान होता रहा तो स्कूल भवन नदी में समा जाएगा। मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कटान रसोई के करीब तक पहुंच गई है, इसलिए स्कूल में अवकाश कर दिया गया है। पड़ोस का नजदीकी स्कूल देखा जा रहा है, वहीं इस स्कूल की कक्षाएं शुरू कराई जाएंगी।
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